सिटी स्थित प्रताप बहादुर डिग्री कॉलेज में शुक्रवार को एक आवाज उत्पीड़न के खिलाफ अभियान में अद्विता फाउंडेशन की अध्यक्ष आकांंक्षा ने कहा, छात्राओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों को अनदेखा करना यानी उसे बढ़ावा देना ही होता है। चुप रहकर हिंसा को सहना सबसे बड़ा अपराध है। लड़कियों के प्रति सबसे अधिक अपराध इसीलिए हो रहे क्योंकि वह उत्पीड़न के खिलाफ मुंह नहीं खोलती हैं।
प्राचार्य प्रोफेसर अमित श्रीवास्तव ने कहा, महिला अपराध को रोकने के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन, महिलाओं की भी जिम्मेदारी है कि अपने प्रति हो रही हिंसा को छिपाएं नहीं, बताएं। आपकी चुप्पी को अपराधी कमजोरी मानकर दोहराता है। महिलाओं को खुलकर उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
उच्च न्यायालय की अधिवक्ता महिमा ने महिला केंद्रित कानूनों की चर्चा की। महिला कांस्टेबल अंजली ने महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, साइबर क्राइम के लिए 1930 और मुख्यमंत्री सहायता के लिए 1076 नंबरों का उपयोग करना सिखाया। कार्यक्रम में डाॅ.नीरज कुमार त्रिपाठी, अजीत सिंह, महिला कांस्टेबल गायत्री मिश्रा, सुरभि,अनुष्का,निधि,लक्ष्मी,मेनका,ऋतु मौजूद रहीं।