अयोध्या के कैब चालक जफर की हत्या कर कार और मोबाइल लूटने के मामले में देहात कोतवाली पुलिस के हाथ तीसरे दिन भी खाली हैं। लखनऊ से विश्वनाथगंज के बीच पुलिस टीम 77 सीसीटीवी खंगाल चुकी है। एएसपी पूर्वी ने रविवार की शाम कोहड़ौर बाजार में सीसीटीवी फुटेज की जांच कर छानबीन करते रहे।
अयोध्या के रुदौली थाना क्षेत्र के भौली निवासी मोहम्मद जफर लखनऊ में कैब चलाकर परिवार का गुजर बसर करते थे। 31 अक्तूबर की रात 11 बजे तीन बदमाशों ने प्रतापगढ़ के लिए कार ऑफलाइन बुक की। शुक्रवार को उसका शव देहात कोतवाली के सरायसागर में झाड़ियों के बीच मिला। सक्रिय हुई पुलिस ने शिनाख्त के बाद बदमाशों की तलाश व लूटी गई कार और मोबाइल बरामद करने के लिए लखनऊ पहुंची। स्वाट व भुपियामऊ चौकी प्रभारी वरुण सिंह लखनऊ से लेकर विश्वनाथगंज तक 77 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। चारबाग से चलने के बाद 20 किमी दूर पेट्रोल पंप पर रुकी कार में सीएनजी भराया। रात करीब एक बजे जफर का मोबाइल बंद हो गया। सुल्तानपुर के आसपास उसकी हत्या कर बदमाशों ने कार कब्जे में ले ली। पुलिस की तीन टीमों की तमाम कोशिशों के बाद भी घटना में शामिल बदमाशों व लूटी गई कार को सुराग नहीं लगा। घटनास्थल से कार फिर कोहड़ौर की ओर लौटी लेकिन वहां से आगे नजर नहीं आ रही। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि पड़ोसी जनपद के बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है। तकनीकी साक्ष्यों के जरिए बदमाशों की खोजबीन की जा रही है। सीओ सिटी शिवनारायण ने बताया कि अभी मृतक चालक के परिवार वालों ने कोई तहरीर नहीं दी। उसकी गला कसकर हत्या की गई है। बदमाशों की तलाश की जा रही है।