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यूथ : चार सालों में नहीं बन पाए तीन छात्रावास, अधूरे पड़े भवन

Fri, 15 Sep 2023 09:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
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मंगरौरा में निर्माणाधीन छात्रावास। संवाद
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मई 2022 में पूरी हो चुकी है निर्माण की अवधि, अधर में लटके हैं भवन
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संवाद न्यूज एजेंसी

प्रतापगढ़। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में छात्रावास का निर्माण करीब चार सालों से चल रहा है। मगर अभी तक निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। मई 2022 तक कार्यदायी संस्था की ओर से इन छात्रावासों का निर्माण पूरा किया जाना था। लेकिन, अभी तक भवन आधे-अधूरे पड़े हैं। इनके निर्माण से छात्राओं की रात्रि निवास की दिक्कतों को दूर किया जा सकता था। छात्रावासों का कार्य अधूरा पड़ा होने की वजह से अध्ययनरत छात्राओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।




मंगरौरा, शिवगढ़ और रामपुर संग्रामगढ़ ब्लाॅकों में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में बालिकाओं के लिए छात्रावास का निर्माण कराने के लिए मंजूरी प्रदान की गई थी। 1.67 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले भवनों का निर्माण इतना सुस्त है कि शासन ने दूसरी किस्त का भुगतान नहीं किया।
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तीनों छात्रावास का निर्माण एक ही कार्यदायी संस्था को दिया गया है। वर्ष 2019 में इसकी मंजूरी मिली थी, मगर 2023 में भी इसका कार्य अधूरा पड़ा है। मंगरौरा ब्लॉक में दीवारें तो खड़ी हो गई है, मगर छत नहीं पड़ी है। शिवगढ़ और रामपुर संग्रामगढ़ में निर्माण कार्य आधे से कम ही हुआ है।

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को उच्चीकृत करके इंटर तक करने की योजना है। इसीलिए जिले के 15 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। मगर कार्यदायी संस्था शासन की योजनाओं पर पानी फेर रही है।
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डीएम ने जारी किया है कारण बताओ नोटिस
कार्यदायी संस्था की लापरवाही पर डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण के लिए तलब किया है। नोटिस में कहा गया है कि समय के अंदर भवन का निर्माण क्यों पूरा नहीं किया गया। अगर सही जवाब नहीं मिला तो कार्यदायी संस्था को काली सूची में डाला जा सकता है।



छात्रावासों के निर्माण में सुस्ती बरतने वाली कार्यदायी संस्था को नोटिस दिया गया है। पहली किस्त का उपभोग नहीं होने से दूसरी किस्त नहीं मिली है।
- प्रदीप कुमार, डीसी, बेसिक शिक्षा विभाग
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