सहमे रहे काजल व सतीश
नहर में डूबने से बचे काजल व सतीश सहमे रहे। सतीश परिवार के लोगों संग पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी देता रहा। पहले तो उनके मुंह से बोल नहीं फूट रहा था।
घटनास्थल पर पहुंचे बाबागंज विधायक
नहर में तीन बच्चियों के डूबने की खबर मिलने पर शाम को बाबागंज विधायक विनोद सरोज पहुंचे। परिवार के लोगों को सांत्वना देने के साथ ही एसडीएम वाचस्पति से जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि बच्चों की तलाश जारी है। अनहोनी होने पर शासन की मंशा के अनुरूप सभी के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मदद दी जाएगी।
बच्चियों के पिता करते हैं मजदूरी
नहर में डूबी बच्चियों के परिजन उनके मिलने की आस में डटे रहे। नहर में डूबी रिया व आंचल के पिता रामनरेश मजदूरी किसानी कर परिवार का गुजर बसर करते हैं। बहनों के डूबने पर भाई राजू, हिमांशु व बच निकली बहन काजल की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। मां आशा भी नहर के किनारे रोती बिलखती रही। माेहिनी के पिता अनिल कुमार भी मजदूरी करते हैं। उसकी मां सुमन को गांव की महिलाएं संभालती रहीं।
विलंब से पहुंची मदद...ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
प्रयागराज शारदा सहायक नहर में तीन बच्चियों के डूबने की खबर देने के बाद भी करीब दो घंटे विलंब से पुलिस व प्रशासन के जिम्मेदार पहुंचे। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों की पुलिसकर्मियों से तीखी झड़प हुई।
संग्रामगढ़ के डंडियां खनवासी के रहने वाले रामनरेश की बेटी रिया व आंचल के साथ ही अनिल की बेटी मोहिनी करीब 11.30 बजे नहाने के दौरान नहर के गहरे पानी में समा गईं। नहर से निकले सतीश व काजल के शोर मचाने पर ग्रामीण भी आ गए। पुलिस व फायरब्रिगेड को सूचना देने के साथ ही स्थानीय गोताखोर बच्चियों की तलाश करने नहर में उतर पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के दो घंटे बाद पुलिस पहुंची।
यदि समय पर मदद मिल जाती तो बच्चियों को गहरे पानी में डूबने से बचाया जा सकता था। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों से ग्रामीणों की कई बार झड़प हुई। हालांकि थानाध्यक्ष मनोज तोमर लोगों को समझा बुझाकर हटाते रहे। रोते बिलखते परिजन की आंखों से केवल आंसू ही गिरता रहा। शाम को एसडीएम ने रायबरेली से नहर का बैराज बंद कराया। जिसके बाद पानी कम हुआ और एसडीआरएफ की टीम बच्चियों की तलाश करने में डट गई।