राष्ट्रीयकृत बैंकों में काफी दिनों तक लेन-देन नहीं करने और केवाईसी फार्म नहीं जमा करने के कारण हजारों लोगों के खाते बंद हो गए हैं। इससे उनकी मुसीबत बढ़ गई है। अब उन्हें पहचान पत्र और पता देने के बाद ही लेन-देन करने की अनुमति दी जाएगी।
भारतीय रिजर्व बैंक ने राष्ट्रीयकृत बैंकों को कड़ा निर्देश जारी कर नए सिरे से सभी खाताधारकों से पहचान पत्र और फोटो जमा कराने को कहा था। अधिकारियों की मानें तो बैंकों में आए दिन होने वाले धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने के लिए रिजर्व बैंक ने ऐसा ठोस कदम उठाया है। सालभर से बैंकों ने यह अभियान चला रखा है जागरूक खाताधारकों ने फार्म भरने के साथ ही पहचान पत्र और फोटो भी जमा किया। मगर अभी लाखों ग्राहक ऐसे हैं जिन्होंने न फार्म भरे और न ही अपना पहचान पत्र और फोटो जमा किया है।
यह किसी एक बैंक की बात नहीं है बल्कि अधिकांश राष्ट्रीयकृत बैंकों ने ऐसे ग्राहकों का खाता बंद करने का फैसला किया है। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा प्रबंधक निधि श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राहक जागरूक होने के बावजूद अपने दायित्व का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। इसलिए पहचान पत्र नहीं देने वाले खाताधारकों के खाते बंद किए गए। शहर के बैंक आफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, ग्रामीण बैंक के हजारों खाते बंद कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक ग्राहक स्वयं बैंक में उपस्थित होकर अपना पहचान पत्र और फोटो नहीं जमा करते हैं, तब तक खाता संचालित नहीं किया जाएगा।