उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों सहित उन सभी लोगों को अब केरोसिन नहीं मिलेगा, जिनके घरों में बिजली का कनेक्शन है। सरकार के नए फरमान के बाद ऐसे लोगों की पहचान के लिए जिले में सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए तहसीलवार पांच टीमें गठित की गई हैं। एक महीने में रिपोर्ट जिला पूर्ति अधिकारी को देनी है। विद्युत विभाग और रसोई गैस एजेंसियों से ऐसे उपभोक्ताओं की सूची मांगी गई है। पूर्ति विभाग के निरीक्षकों को सत्यापन कार्य के लिए लगाया गया है।
केरोसिन का वितरण केवल पात्र गृहस्थी और अंत्योदय श्रेणी के परिवारों को ही किया जाता है। जिले में पात्र गृहस्थी के कुल 5 लाख 5174 परिवार हैं, जबकि अंत्योदय के 74 हजार 826 परिवार। नगर पालिका व नगर पंचायतों को मिलाकर 54 हजार परिवार हैं। जिले में प्रतिमाह लगभग पांच सौ किलोलीटर केरोसिन का वितरण कोटेदारों के माध्यम से होता है। अंत्योदय कार्डधारक को तीन लीटर और पात्र गृहस्थी के कार्डधारक को एक लीटर केरोसिन प्रतिमाह दिया जाता है।
अब शासन के नए आदेश के बाद इन परिवारों में उन लोगों को केरोसिन नहीं दिया जाएगा जिनके पास रसोई गैस और बिजली का कनेक्शन है। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि शासन से मिले आदेश को पूरा करने के लिए पांच टीमें सर्वे में लगाई गई हैं। गैस एजेंसी संचालकों व बिजली विभाग के सभी डिवीजनों के अधिशाषी अभियंताओं को पत्र भेजा गया है। सर्वे का काम शुरू है, एक माह के भीतर सर्वे रिपोर्ट मांगी गई है।