पांच साल के भीतर वोटरों की संख्या बढने को कौन कहे, यहां नगर पालिका से लेकर नगर पंचायतों में वोटरों की संख्या कम हो गई है। सबसे अधिक वोटर नगर पालिका में कम हुए हैं। पिछली बार वर्ष 2012 में 76 हजार मतदाता नगर पालिका में थे। इस बार महज 57 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिसने सभी प्रत्याशियों की टेंशन बढ़ा दी है।
पिछली बार 2012 के हुए चुनाव में नगर पालिका में 76 हजार 122 मतदाता थे, लेकिन इस बार होने जा रहे चुनाव में 57 हजार 910 वोटर मतदाता सूची में बचे हैं। बताया जाता है कि आयोग के निर्देश पर मोहल्लों में ईपी रेशियो बहुत अधिक थी। आबादी के सापेक्ष 90 प्रतिशत वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। जिसे गंभीरता से लिया गया। जिसका नतीजा यह रहा कि नगर पालिका ही नहीं वरन नगर पंचायतों में भी वोटर कम हो गए। घटे वोटरों ने जीते और हारे दोनों प्रत्याशियों की टेंशन बढ़ा दी है। अध्यक्ष से लेकर सभासद पद के दावेदार फुर्सत मिलते ही समर्थकों के साथ वोटर लिस्ट लेकर बैठ जाते हैं। जो मंथन कर आगे की रणनीति बना रहे हैं। सूची से बाहर हो गए मतदाता उनके थे या विरोधी दल के प्रत्याशी के। चर्चाओं पर यकीन करें तो मतदाता सूची से काफी संख्या में फर्जी वोटर बाहर हुए हैं। उन लोगों का शहर व गांवों की मतदाता सूची में भी नाम था। अब देखना यह है कि घटे वोटरों का लाभ मतदान के दिन किस प्रत्याशी की किस्मत बदल सकता है।
कटरा में बढ़ा है ईपी रेशियोः निकाय चुनाव के लिए नामांकन शुरू है। मतदाता सूची लेकर लोग मतदाताओं के पास पहुंच रहे हैं। ईपी रेशियो अधिक होने के कारण राज्य निर्वाचन आयोग ने कई बार बीएलओ से मतदाताओं की जांच कराई। मौजूदा समय में भी कटरामेदनीगंज , कुंडा और नगर पालिका का ईपी रेशियो अधिक होना बताया जा रहा है। नगर पालिका में 67.01, कटरामेदनीगंज में 69.15, कुंडा में 66.48 ईपी रेशियो है।