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शिवगढ़ में प्रमुख पद के चुनाव में नहीं बरती गई पादर्शिता: विनोद दुबे

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शिवगढ़ ब्लॉक में हुए प्रमुख पद के चुनाव में पारदर्शिता नहीं बरती गई। विधायक धीरज ओझा के दबाव में चुनाव की प्रक्रिया में जमकर धांधली हुई। जीत दर्ज करने के लिए चुनाव की शुचिता की धज्जियां उड़ाई गईं, वरना परिणाम कुछ और होता। शिवगढ़ ब्लॉक में प्रमुख पद के चुनाव में हार के बाद प्रत्याशी रहे विनोद दुबे ने मंगलवार बाबागंज स्थित एक होटल में प्रेस वार्ता के दौरान यह बातें कहीं।
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उन्होंने विधायक धीरज ओझा पर चुनाव में धांधली, मत अवैध घोषित कराने और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का अपहरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिवगढ़ ब्लॉक की जनभावना मुझसे जुड़ी हुई है। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में यह साबित हो चुका है। सत्ताधारी विधायक के इतने दबाव के बाद भी पूर्ण समर्थन मिला।
यदि निष्पक्ष व पारदर्शिता के साथ चुनाव होता तो विपक्षियों को करारी हार का सामना करना पड़ता। उन्होंने कहा कि हमारे पक्ष में पड़े मतों को अवैध घोषित करा दिया गया। काफी पूछने के बाद भी इसकी वजह नहीं बताई गई। इसकी शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग से की गई है। यदि न्याय नहीं मिला तो कोर्ट जाऊंगा।
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आरोप निराधार, पचा नहीं पा रहे हार : धीरज
शिवगढ़ ब्लॉक प्रमुख चुनाव के प्रमुख पद के चुनाव में धांधली के आरोप के बाद विधायक धीरज ओझा ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि प्रमुख प्रत्याशी विनोद दूबे द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। प्रमुख प्रत्याशी का आपराधिक इतिहास है। उन पर कई मुकदमे दर्ज हैं।
चुनाव में कहीं भी धांधली नहीं हुई है न ही सत्ता का दबाव बनाया गया है। क्षेत्र पंचायत के चुनाव में एक वोट से मेरे भाई को चुनाव में हार मिली थी। सत्ता का दबाव नहीं दिखाया। अपहरण और दबाव बनाने के आरोप लगाने वाले अपने गिरेबान में झांकें। शिवगढ़ ब्लॉक विकास से अछूता रहा है।
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