मंगरौरा के उतरास में बंद पड़ा आयुष्मान आरोग्य मंदिर। संवाद
मंगरौरा के उतरास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन ठप हो गया है। यहां न तो डॉक्टर हैं, न ही दवाएं। यहां फार्मासिस्ट और वार्डबॉय तो हैं लेकिन, उनके आने-जाने की भनक तक किसी को नहीं लगती है। पीएचसी से करीब 25 से अधिक गांव जुड़े हैं। उन्हें इलाज के लिए 20 किमी दूर कोहड़ौर सीएचसी जाना पड़ता है।
मंगरौरा के उतरास में 15 साल पहले पीएचसी का निर्माण कराया गया था। जहां चिकित्सक समेत तीन कर्मचारियों की तैनाती की गई। एक माह पहले डॉ. अंकुर ने त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद से अस्पताल डॉक्टर विहीन हो गया। तैनात फार्मासिस्ट और वार्डबॉय के आने-जाने का समय तय नहीं है। यहां न तो दवाएं हैं न ही इंजेक्शन। सर्दी-जुकाम के इलाज के लिए मरीजों को 20 किमी का चक्कर लगाना पड़ता है।
मंगरौरा के उतरास में बंद पड़ा आयुष्मान आरोग्य मंदिर। संवाद
मंगरौरा के उतरास में बंद पड़ा आयुष्मान आरोग्य मंदिर। संवाद