पीजीआई लखनऊ में हुए अग्निकांड से सबक लेते हुए अग्निशमन विभाग ने मंगलवार को अस्पतालों का निरीक्षण किया तो कई खामियां मिलीं। शहर के निजी और मेडिकल कॉलेज में आग से बचाव के इंतजाम पुख्ता नहीं मिले।
कॉलेज के पुराने भवन सहित अस्पतालों में लगी फायर किट में कमियां पाई गईं। जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर व्यवस्था को सही करने के लिए निर्देश दिए हैं। प्राचार्य को नोटिस देकर एक माह में व्यवस्ता दुरुस्त कराने के लिए कहा गया है।
अग्निशमन विभाग की टीम ने मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के नए और पुराने भवन में लगे अग्निशमन यंत्रों की जांच की। कॉलेज के पुराने भवन में लगे करीब 12 अग्निशमन और नेत्र रोग विभाग समेत अन्य वार्डों में अग्निशमन यंत्र गलत ढंग से लटकाए गए थे। ऑपरेशन थिएटर के पास भी अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था सही नहीं पाई गई।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने चिकित्सकों और कर्मचारियों को आग से बचाव की जानकारी दी। निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि बिजली के ओवरलोड से स्पार्किंग व आग लगने का खतरा बना रहता है।
समय-समय पर बिजली के उपकरणों की जांच करवाने व कर्मचारियों को आग से बचाव का प्रशिक्षण दिलाने के लिए कहा गया। जिससे आपातकालीन स्थिति में अस्पताल में मौजूद अग्निशमन उपकरणों का प्रयोग कर सकें। टीम सदस्यों ने भंगवा चुंगी और चौक के समीप स्थित निजी अस्पताल का निरीक्षण किया गया, जहां कोई बड़ी खामी नहीं मिली।
अग्निशमन विभाग सात दिनी विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान अस्पतालों में अग्निशमन यंत्रों और आग से बचाव के उपायों की जांच करेगा। जहां कमियां मिलेंगी, उन चिकित्सकीय संस्थानों की सूची बनाकर नोटिस जारी किया जा रहा है। खामियों पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को नोटिस जारी किया गया है।
सौरभ सक्सेना, अग्निशमन अधिकारी।