लाखों रुपये की कर चोरी के मामले में किशोरी के तीन फर्मों पर वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) के अफसरों ने सर्वे किया। अचानक हुई सर्वे की कार्रवाई में तीनों प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया। तीनों प्रतिष्ठानों पर हुए अलग-अलग सर्वे में संदिग्ध अभिलेख, कैशमेमो, डायरी और बिल बरामद हुए जिसे सीज कर दिया गया। अब जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
शहर में किशोरी की तीन फर्में किशोरी रेस्टोरेंट, किशोरी स्वीट्स और किशोरी फ्रूड प्रोजेक्ट के नाम से चलती हैं। अफसरों को लगातार शिकायतें मिल रहीं थी कि यहां बड़े पैमाने पर टैक्स की चोरी हो रही थी और ग्राहकों को पक्की रसीद भी नहीं दी जाती। किशोरी रेस्टोरेंट बाबागंज में स्थित है, स्वीट्स की दुकान चौक में है और किशोरी फ्रूड प्रोजेक्ट की दुकान भैरवपुर इलाके में है। गुरुवार की शाम वाणिज्य कर विभाग इलाहाबाद की एसआईबी ने तीन टीमों का गठन कर एक साथ तीनों प्रतिष्ठानों का सर्वे कर दुकानों से संदिग्ध अभिलेख, कैशमेमो, डायरी और पर्चे को जब्त कर लिया। वाणिज्य विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर डीके सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला प्रकाश में आया है कि तीनों फर्मों के नाम से रजिस्ट्रेशन तो कराया गया था, मगर कर चोरी करने के लिए बिक्री के वास्तविक आंकड़े नहीं दिखाए जा रहे थे।
इसलिए दिखाने के लिए कोई और वास्तविक अभिलेख और होते थे। तीनों प्रतिष्ठानों पर एक साथ सर्वे इसीलिए किया गया ताकि जांच में कोई चूक न होने पाए। उन्होंने स्वीकार किया कि लाखों रुपये का टैक्स चोरी की जा रही थी। उन्होंने बताया कि सात मार्च को जवाब मांगा गया है। उसके बाद ही वास्तविक स्थिति उभरकर सामने आएगी। गुरुवार को सर्वे करने आई तीन टीमों में एक टीम का नेतृत्व इलाहाबाद के असिस्टेंट कमिश्नर डीके सिंह, दूसरी टीम में एसी सत्यव्रत उपाध्याय और तीसरी टीम में सीटीओ सत्यप्रकाश उमराव थे। तीनों अधिकारी अलग-अलग फर्मों की जांच कर रहे हैं।