फतनपुर थाना क्षेत्र के पूरे बिच्छूर में सूखे कुएं में गिरी बकरी को निकालने के चक्कर में पूर्व प्रधान समेत चार लोग जहरीली गैस की चपेट में आ गए। इसमें से एक बुजुर्ग की जान चली गई। एक की हालत गंभीर है। सभी को बाहर निकालने में ग्रामीणों संग फायरब्रिगेड कर्मियों को साढ़े तीन घंटे तक जद्दोजहद करनी पड़ी।
सभी एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में कुएं में उतरते गए और दम घुटता गया। हुआ यह कि राजाराम पाल के घर के सामने एक सूखा कुआं है। रविवार दोपहर करीब 12 बजे उनके परिवार के ही दयाराम पाल (48) की बकरी कुएं में गिर गई। उसे निकालने के लिए दयाराम का भतीजा प्रीतम पाल (23) रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और अचेत होने लगा। उसकी हालत देख लोगों ने शोर मचाया।
प्रीतम को बचाने जब कोई आगे नहीं आया तो दयाराम खटोले (छोटी चारपाई) के सहारे कुएं में उतरे लेकिन वह भी अर्ध बेहोश हो गए। दोनों की हालत देख बबऊ पाल (65) भी खटोले के सहारे कुएं में उतरे और उनका भी वही हाल हुआ।। हालांकि, उनके प्रयास से प्रीतम को घंटे भर बाद खटोले की मदद से ग्रामीणों ने बाहर निकाल लिया। सूचना मिलने पर फतनपुर पुलिस मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में फायरब्रिगेड भी पहुंच गई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस व फायरब्रिगेड की टीम दयाराम को बाहर निकालने में कामयाब हुई। इस बीच कुएं में फंसे बबऊ को निकालने के लिए गांव के पूर्व प्रधान जितेंद्र यादव (42) रस्सी के सहारे उतरे। नीचे पहुंचने के पहले ही उनकी सांसें उखड़ने लगीं तो फायरब्रिगेड कर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला।
सवा तीन घंटे बाद फायरब्रिगेड की टीम ने बबऊ के कपड़े में कटिया फंसाकर बांस के टोकरे व रस्सी में पैर बांधकर बाहर निकाला। रानीगंज ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूर्व प्रधान जितेंद्र यादव को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। बकरी की कुएं में ही मौत हो गई।
सूखा कुआं होने से उसमें जहरीली गैस बन गई थी। जो भी कुएं में उतरा, वह गैस की चपेट में आकर बेहोश होता चला गया। दम घुटने से बुजुर्ग की मौत होने की आशंका है।
विनय प्रभाकर साहनी, सीओ रानीगंज