मृतक देवेंद्र के घर का दरवाजा अब भी खुला है। उसी दरवाजे की चौखट पर सूखे खून के धब्बे चीख-चीखकर हत्या की कहानी सुना रहे हैं। बहनोई की गोली ने देवेंद्र (45) की सांसें ही नहीं, पूरे परिवार का सहारा छीन लिया।
देवेंद्र मेडिकल स्टोर चलाकर घर चलाते थे। सुबह बड़ा बेटा आदर्श पिता को जगाता था। न उठने पर छोटा बेटा अभिषेक पिता के पास पहुंच जाता था। दिनभर कामकाज से फुर्सत मिलने के बाद वह रात में बेटों के साथ हंसी-ठिठोली करने के बाद सुकून की नींद सोते थे लेकिन मंगलवार की सुबह देवेंद्र की मौत घर के दरवाजे तक आ पहुंची। बेटे खून से सनी चौखट से लिपटकर पापा लौट आओ की पुकार लगाने लगे। उन्हें देखकर हर किसी का मन द्रवित हो उठा। पत्नी विमला यादव का रो-रोकर बुरा हाल है।
आरोपी की पत्नी प्रियंका ने बताया कि प्रताड़ना से तंग आकर सोमवार की शाम बेटे अनिकेत और बेटी जान्हवी के साथ मायके आ गई थी। देवेंद्र की मौत स्थानीय व्यापारियों में भी रोष व्याप्त है। व्यापारियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पुलिस प्रशासन से की है।
फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे पुलिस अधीक्षक
घटना की जानकारी पर फोरेंसिक टीम के साथ पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर घटनास्थल पहुंचे। स्थानीय लोगों के साथ परिजनों से पूछताछ की। परिजनों को न्याय का आश्वासन भी दिया। घटनास्थल से पुलिस अधीक्षक मेडिकल कॉलेज पहुंचे। आरोपी कपिलदेव से पूछताछ की।
मेडिकल कॉलेज में रहा तनातनी का माहौल
गोली लगने के बाद घायल देवेंद्र को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लाया गया। स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों की भीड़ जुटने से इमरजेंसी वार्ड में अफरातफरी का माहौल रहा। वहीं, घायल आरोपी कपिल देव को भी सीएचसी कोहड़ौर से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। दोनों पक्षों के लोगों के बीच तनातनी की स्थिति बनी रही। तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स मेडिकल कॉलेज में तैनात रही। घटनास्थल से सीधे पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर आरोपी से घटना के संबंध में पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि वह पत्नी और बच्चे को लेने ससुराल गया था। ससुर गया प्रसाद और साले देवेंद्र ने डंडे से हमला किया। बचाव के लिए गोली चलाई थी।