प्रशासन की रोक के बाद भी गजेहड़ा और गुलरा गांव के लोगों ने चंदा जमा कर पांच लाख रुपये की लागत से बकुलाही नदी पर पुल तैयार कर लिया। बीते एक सप्ताह से पुल पर सात सौ स्कूली बच्चों समेत दो गांवों की सात हजार आबादी का आवागमन शुरू हो गया है। बुधवार को एसडीएम सदर नैंसी सिंह सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आशुतोष सारस्वत के साथ बकुलाही नदी पर बने पुल का निरीक्षण करने पहुंचीं। एसडीएम ने पुल का निरीक्षण करने के बाद ग्रामीणों को पैदल व बाइक लेकर आवागमन की हिदायत दी।
साथ ही एसडीएम ने ग्रामीणों से रास्ते में पड़ रही भूमि की खतौनी व शपथपत्र देने का निर्देश दिया ताकि शासन को स्थायी पुल के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जा सके। मौके पर मौजूद 12 ग्रामीणों ने अपनी भूमि की खतौनी व शपथ-पत्र एसडीएम को सौंपा। एसडीएम ने ग्रामीणों को जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का आश्वासन दिया।
बकुलाही नदी पर बने पुल का निरीक्षण किया गया। ग्रामीणों को पैदल व बाइक लेकर आवागमन की हिदायत दी गई है। भूमि के लिए ग्रामीणों से खतौनी व शपथपत्र मांगा गया है। जल्द ही शासन को प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाएगा।
नैंसी सिंह, एसडीएम सदर