परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में खूब मनमानी की गई है। यूपी बोर्ड ने आठ किमी की परिधि में परीक्षा केंद्र बनाने का मानक तैयार किया है, जबकि अफसरों ने 80 किमी दूर परीक्षा केंद्र बना दिया है। मामला डीएम के संज्ञान में आया तो इसे संशोधन के लिए बोर्ड कार्यालय भेजा गया है।
कालाकांकर विकास खंड के वीरेंद्र सिंह इंटर मीडिएट कॉलेज जनवामऊ के बच्चों का परीक्षा केंद्र विहार ब्लाक के पारसनाथ इंटर मीडिएट कॉलेज कोर्रही और विहार ब्लाक के महावीर सिंह इंटर मीडिएट कॉलेज उमरीकोटिला के बच्चों का परीक्षा केंद्र लालगंज इलाके के रणजीत सिंह इंटर मीडिएट कॉलेज रणजीतनगर बना दिया गया है। जनवामऊ और कोर्रही के बीच की दूरी लगभग 80 किमी जबकि उमरी कोटिला और रणजीतनगर की दूरी 65 किमी है। यह तो महज उदाहरण हैं, इस तरह लगभग दो दर्जन स्कूलों के बच्चों को परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी तय करनी होगी।
जनवामऊ कॉलेज के अभिभावकों की शिकायत डीएम तक पहुंचने पर विभाग ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए बोर्ड को संशोधन पत्र भेजा है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में अदला-बदला की सख्त मनाही के बावजूद यूआरएस इंटरमीडिएट कॉलेज भावसिया और लखपत्तीदेवी इंटरमीडिएट कॉलेज पंचमहुआ के कॉलेजों के बच्चों को इधर-उधर किया गया है। यहीं नहीं बलभद्र इंटरमीडिएट कॉलेज डीहा और रुद्रभान इंटर कालेज समसपुर के छात्र-छात्राओं को इधर-उधर किया गया है। प्रभारी डीआईओएस आरके वर्मा ने स्वीकार किया कि परीक्षा केंद्रों के निर्धारण और बच्चों के प्लेसिंग में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि कालाकांकर विकास खंड के वीरेंद्र सिंह इंटरमीडिएट कॉलेज जनवामऊ के बच्चों का परीक्षा केंद्र नजदीक करने के लिए आसपास के तीन कॉलेजों का नाम बोर्ड कार्यालय को संशोधन के लिए भेजा गया है।