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कान्हा उपवन की जमीन में फंसा पेंच, 1.20 करोड़ डंप

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कान्हा उपवन की जमीन में फंसा पेच, 1.20 करोड़ डंप
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रंजीतपुर चिलबिला में चिह्नित जमीन की पूरी नहीं हो सकी पैमाइश
चार बीघा जमीन में बननी है कान्हा उपवन गोशाला
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। योगी सरकार की प्राथमिकता वाली कान्हा उपवन गोशाला में नगर पालिका प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। महुली में आवंटित जमीन पर निर्माण कार्य बंद कराकर रंजीतपुर चिलबिला में कान्हा उपवन गोशाला के लिए चिह्नित जमीन की पैमाइश तक पूरी नहीं हो सकी। चार बीघे में बनने वाली गोशाला के लिए शासन से 1.20 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित हो चुकी है, जो नगर पालिका के पास डंप है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर पालिका व नगर पंचायतों में कान्हा उपवन योजना के तहत गोशाला निर्माण के लिए हरी झंडी दी थी। नगर पालिका परिषद बेल्हा, अंतू नगर पंचायत और कटरामेदनीगंज में कान्हा उपवन गोशाला को मंजूरी देते हुए धनराशि आवंटित की गई थी। कटरामेदनीगंज में गोशाला निर्माण का कार्य आखिरी दौर में है। जबकि अंतू नगर पंचायत व नगर पालिका अभी निर्माण प्रारंभ नहीं हो सका है। नगर पालिका में बनने वाले कान्हा उपवन गोशाला के लिए शासन ने 1.20 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए थे। महुली में पूर्व जिलाधिकारी शंभु कुमार व एसडीएम सदर एसपी सिंह की देखरेख में चार बीघे जमीन कान्हा उपवन गोशाला के लिए आवंटित की गई। जहां कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य प्रारंभ भी करा दिया था। जून में निर्माण कार्य ठप कराने के बाद रंजीतपुर चिलबिला में जमीन की तलाश होने लगी। करीब डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी चिह्नित जमीन को पैमाइश के बाद अलग नहीं किया जा सका। शनिवार को नगर निकाय की टीम कान्हा उपवन गोशाला की हकीकत जानने पहुंची। जिसके बाद लापरवाह नगर पालिका प्रशासन आनन-फानन में जमीन की पैमाइश कराने लगा। हालांकि तमाम प्रयास के बाद भी जमीन की पैमाइश पूरी नहीं हो सकी। करीब सोलह बीघे जमीन में चार बीघे भूमि ग्राम सभा की है, लेकिन सभी का खाता मिलजुमले का है। ऐसे में उस जमीन पर पेड़ भी लोगों ने लगा रखे हैं। जिसके लिए नगर पालिका व जिला प्रशासन के सामने समस्या आ सकती है। लेखपाल त्रिभुवन पांडेय का कहना है कि अभी पैमाइश पूरी नहीं हो सकी है। एक दो दिन में जमीन की पैमाइश पूरी हो जाने की संभावना है। ईओ मुदित सिंह ने कहा कि जमीन की पैमाइश चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कान्हा उपवन गोशाला का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
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लाखों खर्च करने के बाद क्यों बदला गोशाला का स्थान
नगर पालिका के अधिकारियों की मंशा क्या है, यह तो वही बता सकते हैं, लेकिन लाखों खर्च करने के बाद गोशाला का स्थान बदलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
महुली में गोशाला निर्माण की दिशा में काम प्रारंभ हो गया था। करीब तीन लाख रुपये की लागत से टीनशेड का निर्माण भी कराया गया था। चिह्नित चार बीघे जमीन की घेराबंदी भी जेसीबी लगाकर कर दी गई थी। ताकि मवेशी बाहर न निकल सकें। गोशाला निर्माण पर लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी अधिकारियों ने उस स्थल को बदल दिया। ईओ नगर पालिका का कहना है कि महुली में वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनेगा। जिसके लिए महुली की जमीन उपयुक्त है।
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महुली में चारागाह के नाम से दर्ज है जमीन
नगर पालिका परिषद के महुली वार्ड में कान्हा गोशाला निर्माण होने से नगर पालिका व जिला प्रशासन को मवेशियों के चारे के लिए दिक्कत न उठानी पड़ती। राजस्व विभाग की मानें तो महुली में 6 बीघे से अधिक जमीन चारागाह के नाम से दर्ज है। जहां मवेशियों को आसानी से चारे की व्यवस्था हो सकती थी। फिलहाल जनता की गाढ़ी कमाई को नगर पालिका प्रशासन बर्बाद करने पर उतारू है।
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