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कालाबाजारी से बढ़े वस्तुओं के रेट

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the rates of goods raised due to black marketing. - फोटो : PRATAPGARH
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जिले को तीन दिन के लिए लॉकडाउन करने की जानकारी होते ही खाद्य सामग्री की खरीदारी करने जहां दुकानों पर भीड़ उमड़ पड़ी, वहीं जमाखोरों ने मोटी कमाई करने के लिए स्टाक को डंप कर लिया। कालाबाजारी करने केे लिए स्टाक जमा करने वाले थोक विक्रेताओं ने खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ा दिए हैं। आलम यह रहा कि सुबह 82 रुपये प्रति किग्रा की दर से बिकने वाली अरहर की दाल शाम को 95 रुपये की दर से बिकी। आटा, चावल के साथ ही चीनी और चायपत्ती के दामों में भी बढ़ोतरी की गई है।
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मंगलवार को दोपहर में सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रदेश को 27 मार्च तक लॉकडाउन करने की खबर सोशल मीडिया में वायरल होते ही खाद्य सामग्री की कालाबाजारी करने के लिए जमाखोरों ने अचानक दाम बढ़ा दिए। वहीं फुटकर दुकानदार भी इसका लाभ उठाते हुए ग्राहकों को मनमाने दाम पर खाने-पीने की सामग्री बेचते रहे। ग्राहक मजबूर होकर खरीदते रहे। इधर लॉकडाउन होने की जानकारी होते ही ग्र्राहक दुकानों पर खरीदारी करने के लिए उमड़ पड़े। बुधवार से प्रारंभ हो रहे नवरात्र और गृहस्थी का बजट मजबूत करने के लिए आटा, चावल, दाल, चीनी, चायपत्ती, रिफाइंड, डालडा की खूब खरीदारी हुई। बाजार में अचानक अरहर के दाल की कमी होने से 82 रुपये प्रति किग्रा की दर से बिकने वाली दाल 95 रुपये की दर से बिकी। सुबह 27 रुपये में बिकने वाला आटा शाम होते ही 30 रुपये प्रति किगा की दर से बिकने लगा। जबकि 24 रुपये प्रति किग्रा की दर से बिकने वाला चावल शाम को 28 रुपये की दर से बिका।
फुटकर दुकानदारों ने डिमांड बढ़ने पर जब थोक विक्रेताओं से राशन सामग्री मांगना प्रारंभ किया तो उन्होंने स्टाक खत्म होने का बहाना बनाना शुरू कर दिया। माजरा समझते ही फुटकर दुकानदारों ने अधिक दर पर बेचना प्रारंभ कर दिया। दुकान पर पहुंचने वाले ग्राहक भी मोलभाव करने के बजाए दुकानदारों से सीधे पैक करने को कहते रहे।
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शाम को खरीदारी करने उमड़े अधिकांश लोगों ने आटा और चावल किग्रा में लेने के बजाए बोरियां ही खरीद लीं। दरअसल, शहरियों का मानना है कि यह बंदी सिर्फ तीन दिन के लिए नहीं हो रही है, बल्कि यह लंबी खिंच सकती है। इसलिए घर में स्टाक जमा करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। लोगों की मानें तो पीएम के आह्वान पर एक दिन के जनता कर्फ्यू में ट्रेनों को बंद किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 31 मार्च तक के लिए कर दिया गया।
लॉकडाउन से किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है। जरूरी सामान लोगों को मिलते रहेंगे। लॉकडाउन से 18 सेवाओं को बाहर किया गया है। जिसमें खान-पान की सामग्री, सब्जी, फल की सेवाएं जारी रहेंगी। इससे गृहस्थी के लिए सामानों को डंप न करें। अपनी आवश्यकता के अनुरूप ही सामान खरीदें। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
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शत्रोहन वैश्य, एडीएम
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