रानीगंज के शेखूपुर में संचालित एसजीएस पाॅली क्लीनिक में 16 जून को प्रसूता की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसे सील कर दिया। संचालक ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर फिर से मरीजों का इलाज शुरु कर दिया। जानकारी होने पर रानीगंज इंस्पेक्टर ने इसकी शिकायत सीएमओ से की। सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ को कार्रवाई का निर्देश दिया।
कंधई थाना क्षेत्र जगदीशपुर निवासी दिलीप कुमार बिंद की 28 वर्षीय पत्नी इरावती बिंद गर्भवती थीं। बीते 16 जून को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने उसे शेखूपुर स्थित एसजीएस पॉली क्लीनिक में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। महिला की मौत पर परिजन हंगामा करने लगे तो स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई। टीम ने पुलिस की मौजूदगी में पॉली क्लीनिक को सील कर दिया। दो दिन पहले रानीगंज एसओ ने सीएमओ को फोन कर बताया कि आरोपी डॉक्टर केपी पटेल ने सील को तोड़कर अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया है। सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ डाॅ. राजेश और अपर शोध अधिकारी आरजी चौधरी को जांच कर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए फिर से अस्पताल को सील करने का निर्देश दिया। अपर शोध अधिकारी आरजी चौधरी ने कहा कि यदि सील तोड़कर फिर से मरीजों का इलाज डाॅक्टर करता पाया गया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।