प्रदेश स्तर पर पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू होने के बाद स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार परिसीमन ग्राम पंचायत के अलावा ग्राम प्रधान, वार्ड मेंबर, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य पद और मतदाताओं की संख्या में भी बड़ा फेरबदल हो सकता है। फिलहाल जिले में 1148 ग्राम पंचायत है।
आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2015 तक जनपद के 17 विकासखंडों में कुल 1298 ग्राम पंचायत थीं। जो वर्ष 2021 के चुनाव में घटकर 1193 पहुंच गईं, जिसमें पंचायत चुनाव हुए थे। उस दौरान 57 जिला पंचायत सदस्य, 14,917 ग्राम पंचायत सदस्य, 1,434 बीडीसी सदस्य निर्वाचित हुए थे। इन सभी ग्राम पंचायत में 26,19,516 मतदाता थे।
वर्ष 2021 के बाद भी कटरामेदनीगंज और अंतू नगर पंचायत का सीमा विस्तार हुआ। कटरागुलाब सिंह, रामगंज, डेरवा, गड़वारा समेत नगर पंचायताें का गठन हुआ था। अब अगले साल अप्रैल-मई 2026 में पंचायत चुनाव होने हैं। उसकी तैयारियां प्रदेश स्तर से शुरू कर दी गई हैं। शासन ने जिले के ग्राम पंचायतों और राजस्व ग्रामों के आंशिक पुनर्गठन के प्रस्ताव पांच जून तक मांगे हैं।
इसके बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है। यह देखा जा रहा है जिस ग्राम पंचायत का एक राजस्व ग्राम नगरीय निकाय में शामिल हो गया है और उस ग्राम पंचायत में सिर्फ एक ही राजस्व ग्राम बचा है। ऐसे गांवों को किस ग्राम पंचायत में जोड़ना है। अधिकारी इसकी गुणा भाग में जुट गए हैं।
नए परिसीमन के बाद आबादी काे देखते हुए जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य पदों की संख्या घट सकती है।
कई गांव बन सकते हैं ग्राम पंचायत
चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों का परिसीमन किया जाएगा। इसके बाद ग्राम पंचायत की संख्या में बड़ा बदलाव हो सकता है। कई ऐसे गांव हैं, जिनमें मतदाताओं की संख्या एक हजार या उससे अधिक है। ऐसे में एक हजार मतदाता वाले गांव खुद ही ग्राम पंचायत बन जाएंगे। जबकि इन गांव से काटने वाले गांव दूसरी ग्राम पंचायतों में जोड़े जाएंगे।
आरक्षित वर्ग के पदों के चक्र में बदलाव की बढ़ी उम्मीद
आगामी पंचायत चुनाव में सभी आरक्षित वर्ग के पदों के चक्र में बदलाव होगा। पिछले दो चुनावों में जिन पदों पर जिस वर्ग के प्रत्याशियों को आरक्षण का लाभ दिया गया था, अब वहां पर आरक्षण का चक्र बदलने की उम्मीद जताई जा रही है। पंचायत चुनाव में एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं को अधिकतम 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। पंचायती राज अधिनियम में प्रावधान है कि लगातार दो आम चुनावों के बाद आरक्षण का चक्र बदल जाएगा।
शासन की गाइडलाइन के अनुसार 1148 ग्राम पंचायतों का परिसीमन होगा। नगर निकाय में शामिल ग्राम पंचायतों के अवशेष भाग को दूसरी ग्राम पंचायतों से जोड़ा जाएगा। ग्राम पंचायत बढ़ने व घटने की उम्मीद कम है। -श्रीकांत दर्वे, जिला पंचायत राज अधिकारी