किशुनगंज। कंधे पर हुए फोड़े के इलाज के दौरान झोलाछाप डाक्टर के इंजेक्शन लगाते ही एक युवक की मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों संग मिलकर जमकर हंगामा काटा। मदाफरपुर-चिलबिला मार्ग पर जमा लगा दिया। ढाई घंटे बाद एसडीएम के आश्वासन पर ग्रामीणोें ने जाम समाप्त किया।
कंधई थाना क्षेत्र के सरायसागर निवासी कुंजूलाल यादव (42) कई दिनों से फोड़े से पीड़ित था। शनिवार को वह अपना इलाज कराने के लिए कोनी बाजार स्थित बजरंग बहादुर वर्मा के मेडिकल स्टोर पर गया था। आरोप है कि झोलाछाप चिकित्सक ने दवा देने के बजाय उसे एक इंजेक्शन लगा दिया। वह इंजेक्शन के रुपये देने के बाद घर की ओर चल पड़ा। मगर रास्ते में वह गिर पड़ा और उसकी कुछ देर में ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। शव से लिपटकर लोग रोने लगे। आक्रोशित ग्रामीण शव लेकर डिस्पेंसरी की ओर चल पड़े। मामले की जानकारी होते ही बजरंग बहादुर दुकान बंद कर भाग निकला।
लोगों ने उसकी दुकान के सामने मदाफरपुर-चिलबिला मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीण हंगामा काटते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग करने लगे। बवाल की खबर मिलने पर कंधई पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची लेकिन ग्रामीण उसकी एक भी बात सुनने के लिए राजी नहीं हुए। एसडीएम पट्टी और सीओ भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत के बाद उनकी मांग पूरा करने का भरोसा दिया। तब जाकर लोगों ने जाम समाप्त किया। एसडीएम की मौजूदगी में बजरंग की डिस्पेंसरी को पुलिस ने सील कर दिया। इस मामले में मृतक की पत्नी श्रीमत्ति की तहरीर पर पुलिस ने बजरंग बहादुर वर्मा के खिलाफ सुसंगित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उसकी खोजबीन शुरू कर दी।
कुंजूलाल यादव की तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी का वह विवाह कर चुका है। मजदूरी कर परिवार का गुजर बसर करने वाले कुंजू ने अपनी मझली बेटी रेनू की शादी तय कर रखी थी। बड़े अरमान से वह शादी के सामान भी एकत्र कर रहा था। 22 अप्रैल को होने वाली शादी के लिए पसीना बहाकर रकम जुटा रहा था। छोटी बेटी किरन गृहस्थी के काम में मां का हाथ बंटाती है। कुंजूलाल का बेटी का हाथ पीला करने का सपना अधूरा रह गया। यही बातें कहते हुए परिवार के लोग रोते बिलखते रहे।
कंधई थाना क्षेत्र के राजमलपुर कोनी निवासी बजरंग बहादुर वर्मा भले ही मेडिकल का जानकार न हो, लेकिन वह लोगों का बखूबी इलाज करता है। लोगों की मानें तो करीब दो साल पहले कोनी के ही रहने वाले शफीक के तेरह वर्षीय बेटे इजहार को बुखार से निजात दिलाने के लिए उसने इंजेक्शन लगाया था। इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद उसकी भी मौत हो गई थी। परिजनों ने हंगामा काटा और पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।
कोतवाली पुलिस ने महादेव हत्याकांड से जुड़ी एक महिला को हिरासत में लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। बतादें कि नगर कोतवाली के सदर बाजार निवासी व्यापारी महादेव केसरवानी की घर में सोते समय कई माह पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में एक महिला भी नामजद थी। पुलिस को उसकी काफी दिनों से तलाश थी। शुक्रवार की रात वह पुलिस के हाथ लग गई। पुलिस उससे पूछताछ कर जानकारी कर रही है।