थाना क्षेत्र के हरिहरपुर छमऊ शुक्ल का पुरवा की रहने वाली ललिता देवी की हत्या का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। कातिल कोई और नहीं बल्कि बगल में सो रहा पति ही निकला। लिखापढ़ी के बाद पुलिस ने उसे जेल भेजा। हत्या में प्रयुक्त बांका व खून से सना कपड़ा बरामद हुआ है।
बाघराय थाना क्षेत्र के छमऊ शुकुल का पुरवा निवासी ललिता देवी की 13 जुलाई की रात टीनशेड के नीचे चारपाई पर सोते समय धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। उसी की बगल चारपाई पर पति रामकुमार भी सो रहा था। उसे घटना की भनक तक नहीं लगी थी। मुकदमा दर्ज करने के बाद मृतका का अंतिम संस्कार संपन्न होने के बाद पुलिस हकीकत का पता लगाने में जुट गई। महिला की हत्या के बाद मामले की जांच में जुटी पुलिस के उस वक्त यह जानकार दंग रह गई। जब उसे पता चला कि महिला का कातिल कोई और नहीं बल्कि उसका पति ही है। हालांकि पुलिस को घटना के बाद से ही पति पर शक हो गया था। सोमवार की रात पति को हिरासत में लेकर पुलिस ने सख्ती की तो वह टूट गया। सीओ सदर अमरनाथ गुप्ता ने बताया कि रामकुमार पटेल के पिता मयाराम रेलवे विभाग में कार्यरत थे। 2016 में सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायर होने के बाद उसे एक रुपये भी नहीं दिए। इससे वह नाराज रहता था, लेकिन उसकी पत्नी ललितादेवी अक्सर अपने ससुर को खाना खिलाती थी और उनसे चोरी चुपके बात भी करती थी। पति के मना करने के बाद भी नही मानती थी। जिससे नाराज होकर उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। घटना के खुलासे में लगे इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने आरोपी को जेल भेजा।