एसएनसीयू वार्ड में छत से पानी टपकने के चक्कर में बीते तीन दिनों से नए नवजात बच्चों को भर्ती कर इलाज नहीं किया जा रहा है। एक रुपये के पर्चे पर प्रयागराज रेफर कर दिया जा रहा है। हालाकि सीएमएस की सूचना पर जांच करने के लिए लखनऊ से इंजीनियर आए हैं।
जिले का इकलौता 14 बेड के स्पेशल न्यू बार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) की छत से पानी टपकने के कारण नए नवजात बच्चों को भर्ती करने पर चिकित्सकों ने रोक लगा दिया है। प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उन्हें प्रयागराज रेफर कर दिया जा रहा है। शुरुआती दौर में जिस कमरे में चिकित्सक बैठते थे, उसमें तथा वार्ड में जहां बच्चे भर्ती होते थे वहां के पांच बेड के ऊपर की छत से बरसात का पानी टपकने लगा है। इससे डॉक्टर और कर्मचारी परेशान हो गए। एसएनसीयू के नोडल डॉ. अनिल कुमार ने कई बार सीएमएस को पत्र लिखा। सीएमएस ने छह साल पहले भवन तैयार करने वाली कार्यदायी संस्था के साथ उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा। कई बार इंजीनियर आए और देख कर चले गए। मंगलवार को फिर से लखनऊ से इंजीनियर की टीम आई है। खामियां पकड़ने का प्रयास टीम करती रही। लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल ने बताया कि वर्तमान समय में एसएनसीयू में सात बच्चे भर्ती हैं।
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