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अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से ही हुआ फर्जीवाड़ा

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The fraud happened only with the connivance of the employees of the Minority Welfare Department
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डीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर से फाइल तैयार कर अनुदान के लिए शासन को भेजने के आरोपी मदरसा प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए रविवार को नगर कोतवाली में तहरीर दी जाएगी। शनिवार को डीएमओ के विभागीय कार्य से बाहर होने के कारण तहरीर नहीं दी जा सकी। उधर, अधिकारी अब विभाग के उन कर्मचारियों की पहचान करने में लगे हुए हैं, जिनकी मिलीभगत से लखनऊ तक फाइल पहुंची थी।
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जिले के रानीगंज तहसील के मदरसा दारूल उलूम कायदे मिल्लत रजानगर छानापार के प्रबंधक तहसीन रजा ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर अनुदान के लिए फाइल निदेशक के पास भेज दी थी। जबकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जिस मदरसे को अनुदान देने के लिए फाइल भेजी गई, वह सिर्फ कागजों में संचालित हो रहा है। मदरसे में न तो बच्चे हैं और न ही किसी टीचर की तैनाती हुई है।
मदरसा के प्रबंधक ने फर्जी ढंग से मो. नदीम, मो. शरीफ, शहबाज अहमद की नियुक्ति करते हुए अनुदान के लिए फाइल निदेशक के पास पहुंचा दी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी उस समय दंग रह गए जब उन्हें निदेशक ने मदरसे के अभिलेखों को पूर्ण कर भेजने के लिए कहा। आश्चर्य की बात तो यह थी कि फर्जी मदरसे की फाइल में डीएमओ के हस्ताक्षर ऐसे किए गए थे, जिसे देखकर वह स्वयं भी देखकर चौक गए।
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फिलहाल प्रबंधक के इस खेल में विभाग का ही कोई बाबू उसका साथ दे रहा है। उसने अनुदान की फाइलों के बीच में मदरसा दारूल उलूम कायदे मिल्लत रजानगर छानापार की फाइल लगाकर निदेशक तक पहुंचाने में मदद की है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एसएन तिवारी ने बताया कि बाहर होने के कारण शनिवार को वह एसपी से नहीं मिल सके। रविवार को मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी जाएगी।
जिले में बगैर मान्यता के चल रहे हैं मदरसे
जिले में बगैर मान्यता के चलने वाले मदरसों पर अभी तक जिला प्रशासन की कार्रवाई नहीं हुई है। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अब मदरसों के मान्यता की जांच कराने का अभियान चलेगा। अधिकांश मदरसे ऐसे हैं, जिन्हें मुंशी और मौलवी की मान्यता मिली हुई है मगर, वहां आलिम, कालिम और फाजिल की पढ़ाई कराई जा रही है। अब ऐसे मदरसों के खिलाफ कार्रवाई होगी। तमाम ऐसे मदरसे भी हैं जिन्हें सिर्फ कागजों पर संचालित किया जा रहा है।
प्रबंधक ने बाबू पर लगाया आरोप
मदरसा दारूल उलूम कायदे मिल्लत रजानगर छानापार के प्रबंधक तहसीन रजा ने विभाग के बाबू पर आरोप लगाया है। उसका कहना है कि उसने विभाग के लिपिक जावेद अख्तर को फाइल दी थी और उसने मुझे रिसीविंग भी दी है। डीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर के बारे में उसने किसी तरह की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
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