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एक फोन ने खुशियों से भरी पिता की झोली

Tue, 13 Jan 2015 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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नौ महीने से कलेजे के टुकड़े की तलाश में एक पिता दर-दर भटक रहा है। इसी बीच उसे पता चला कि उसका बेटा (13) सही सलामत है। इस पर आंखों से खुशियों के आंसू छलक पड़े। ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत पुलिस ने अब तक तकरीब आठ बच्चों को उनके परिजनों को सौंपकर खुशियों से झोली भर दी।
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जनपद में भी ‘ऑपरेशन स्माइल’ अभियान चलाया जा रहा है। जिले से 34 बच्चों के गुमशुदा होने पर आगे की कार्रवाई तेजी से शुरू हुई है। अभियान के तहत मंगलवार को शहर के सभी चौकी प्रभारी होटल और ढाबों के साथ ही दुकानों पूछताछ करने लगे। चिलबिला चौकी प्रभारी ने सोनावां स्थित ढाबे से एक बालक से पूछताछ की। इसने बताया कि वह करीब नौ महीने पहले अपने मामा के घर से पढ़ाई नहीं करने पर मिली फटकार के बाद बस्ता लेकर भाग निकला था। ढाबे में उसकों संरक्षण मिल गया। वह कुंडा कोतवाली क्षेत्र के जमेठी भैरव बक्श का पुरवा के रहने वाले विजय तिवारी का बेटा विकास (13) है।

चौकी प्रभारी ने नौ माह से बिछड़े लड़के के सुरक्षित मिलने की सूचना देने के लिए पिता को फोन किया। अपने गायब बेटे से बात करने के बाद पिता की आंखों से खुशियों के आंसू निकलने लगे। इसके बाद ढाबा संचालक और किशोर को सीओ सिटी ने अपने कार्यालय बुलाया। वहां पूछताछ के दौरान संचालक को सीओ ने जमकर फटकार लगाई। दो टूक कहा कि किसी भी हाल में घर से भागे बच्चों से काम नहीं कराया जाए। एएसपी पूर्वी बृजेश मिश्रा ने बताया कि अब तक घर से भागे आठ बच्चों को परिजनों से मिलाया जा चुका है। इनमें चार लड़कियां और चार लड़के शामिल हैं।
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