नए साल में जिले के लोगों को एक और बाईपास का तोहफा मिल सकता है। नया बाईपास लालगंज, सगरासुंदरपुर, मोहनगंज और रानीगंज बाजार में लगने वाले जाम से निजात ही नहीं दिलाएगा बल्कि सफर भी आसान करेगा। 52 किमी, लंबे बाईपास के निर्माण के लिए राजस्व विभाग की टीम सर्वे कर चुकी है। जिसमें तीन तहसीलों के 1356 किसानों की भूमि अधिगृहीत करने की तैयारी चल रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 231 लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर लालगंज तहसील के रामपुर तियाई के निकट स्थित अर्जुनपुर गांव से निकलने वाला बाईपास जेठवारा थाने के निकट से प्रयागराज-फैजाबाद हाईवे को क्रॉस करेगा। यहां से रानीगंज तहसील के आगे चिरकुट्टी बाजार से हाईवे में मिल जाएगा।
इस बाईपास का निर्माण होने से लालगंज, सगरासुंदरपुर, मोहनगंज, कटरामेदनीगंज और रानीगंज तहसील में लगने वाले जाम का झंझट खत्म हो जाएगा। 52 किमी लंबे बाईपास में लालगंज, सदर और रानीगंज तहसील के 82 गांवों के 1356 किसानों की जमीन अधिगृहीत की जाएगी ।
शासन के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने इन गांवों का नक्शा और खतौनी एकत्र कर ली है। अब किस किसान की कितनी जमीन बाईपास में जा रही है, इसका सर्वे किया जा रहा है। खतौनी संबंधी अन्य रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। किसानों के जमीन का हिस्से का निर्धारण होते ही मुआवजे की राशि निश्चित की जाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि नए साल में बाईपास के लिए बजट की मंजूरी मिल जाएगी।
जिले में नए बाईपास निर्माण के लिए तीन तहसीलों की खतौनी और नक्शा जमा कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। शासन के अगले कदम का इंतजार है।
त्रिभुवन विश्वकर्मा, एडीएम