जन्मतिथि बदलकर साल भर से विभाग में अवैध जमे रहकर वेतन लेने वाले कर्मचारी को विभागीय अधिकारियों ने उस समय बाहर का रास्ता दिखाया, जब शिकायतकर्ता ने सीएम आवास के सामने आत्मदाह करने की धमकी दी थी। फिलहाल अधिकारी दोषी बाबू और कर्मचारी के खिलाफ अभी तक मुकदमा दर्ज कराने की कोई पहल नहीं की है।
लोक निर्माण विभाग खंड एक में कुंडा इलाके के शहाबपुर निवासी चंद्रभूषण शुक्ला ने जन्मतिथि में हेरफेर करके अपनी उम्र बढ़ा ली थी। टीपी इंटर कालेज कुंडा से जारी टीसी में जन्मतिथि 19 मार्च 1957 अंकित थी। जबकि शिकायतकर्ता ने जूनियर हाईस्कूल किलहनापुर की टीसी में 7 नवंबर 1967 दिखाया गया है। वास्तविक जन्मतिथि के अनुसार 19 मार्च 2017 को कर्मचारी को रिटायर होना था। मगर नई टीसी के मुताबिक सेवाकाल दस वर्ष बढ़ गया। बाबू की मिलीभगत से सात महीने तक वेतन का भुगतान होता रहा।
आश्चर्य की बात तो यह रही कि विभागीय अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी कर्मचारी को बाहर नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने जब दिवाली के दिन सीएम आवास के बाहर आत्मदाह की धमकी दी, तो पांच नवंबर को बाहर करते हुए शिकायत करने वाले व्यक्ति को कार्रवाई की जानकारी दी। फिलहाल घपले में लिप्त बाबू और कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बजाय टाल-मटोल कर रहे हैं। फिलहाल अभी तक न तो रिकवरी का पत्र जारी हुआ है और न ही मुकदमा दर्ज कराएगा।
फर्जीवाड़ा करने वाले कर्मचारी को बाहर कर दिया गया, उसने विभाग से अधिक वेतन कितना लिया है, इसका आकलन किया जा रहा है। मुकदमा दर्ज कराने और रिकवरी के लिए अभी आदेश नहीं जारी किया गया है।
शैलेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, खंड एक।