आसपुर देवसरा इलाके के देवरखा गांव में शनिवार को एसडीएम के साथ दर्जनों अधिकारी पहुंचे और एक-एक विकास कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान गांव में कोई भी विकास कार्य पूर्ण न होने से एसडीएम ने कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। जांच के दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम को शिकायती पत्र भी दिया। जिसे एसडीएम ने सम्बन्धित विभाग को सौप कार्रवाई का निर्देश दिया है। जांच को आना था डीएम को परन्तु किसी कारण से डीएम ने खुद न आकर एसडीएम को ही जांच के लिए भेज दिया।
आसपुर देवसरा इलाके के देवरखा गांव लोहिया समग्र गांव के रूप में शासन द्वारा चयनित है। गांव का एक अनुसूचित जनजाति का व्यक्ति एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया था कि उसे मिले 70 हजार आवास के धन से 30 हजार रुपए रोजगार सेवक ले लिया है। मामले की जांच की गई तो मामला सही पाया गया। इस मामले की जानकारी जब डीएम को हुई तो उन्होंने शनिवार को गांव की जांच करने का फरमान सुना दिया। इस पर अधिकारी गांव में कैम्प लगा कर विकास कार्य पूरा कराने का कार्य करने लगे। अधिकारियों के परिश्रम के बाद भी विकास कार्य पूरा नहीं हो सका। डीएम ने गांव की जांच के लिए तहसील की पूरी टीम लगा दी।
जांच के लिए तहसील से एसडीएम रामशंकर, तहसीलदार सौरभ शुक्ल, नायब तहसीलदार राजकपूर, एडीओ पंचायत श्यामशंकर दुवे, बीडीओ शशीकला, सेक्रेटरी, वाहिद अली कानूनगो नन्हें वर्मा, लेखपाल राजेन्द्र प्रसाद व मानिक चन्द्र गांव गए। वहां पर अधिकारियोें ने विकास के सभी कार्यों का बारीकी से जांच की परन्तु एक भी विभाग का कोई कार्य पूरा नहीं पाया गया। इस पर एसडीएम ने मातहत अधिकारियों को विकास कार्य पूर्ण कराने का एक पखवारे का समय दिया। कार्य पूरा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। जांच के दौरान गांव वालाें की भीड़ जमा रही। ग्राीमणों ने कुल पन्द्रह शिकायती पत्र विभिन्न विभागों के खिलाफ दिए हैं। एसडीएम ने प्रार्थना पत्रों को उनके विभाग के अधिकारियों को सौंपते हुए जल्द से जल्द निपटाने का आदेश दिया है।