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Pratapgarh News: डकैत नहीं लगे हाथ, तीसरे दिन भी सहमे रहे परिजन

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कोतवाली के गयासपुर खजुरिया गांव में डकैती की घटना को अंजाम देने वाले डकैत तीसरे दिन भी पुलिस के हाथ नहीं लगे। पुलिस उन तक पहुंचने में नाकाम रही। सोमवार को पीड़ित परिवार के घर में चूल्हा जला। सदस्यों ने घर का बना खाना खाया। खौफजदा परिवार की सुरक्षा में पुलिस मुस्तैद है।
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गयासपुर खजुरिया के रहने वाले छोटेलाल के घर पर पांच जुलाई की रात बेखौफ बदमाशों ने डकैती डाली। छोटेलाल, उसके बेटे जीतेंद्र, बेटी अंतिमा को मारपीट कर घायल कर दिया। बेटी सुनीता को गोली मारकर लूटपाट की। जेवरात, आटा ,चावल, रुपये समेत अन्य सामान समेटकर बदमाश भाग निकले। घटनास्थल का आईजी प्रेम गौतम, एसपी डॉ. अनिल कुमार ने जायजा लेते हुए घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस की पांच टीम गठित की। तीन दिन से लगातार स्वाट टीम कुंडा में ही कैंप कर रखी है। पुलिस की सभी टीमें अभी तक घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों के करीब भी नहीं पहुंची। पुलिस सूत्रों के अनुसार की मानें तो टीम जनपद के साथ ही कौशाम्बी, ऊंचाहार रायबरेली, प्रयागराज समेत जनपदों में संदिग्धों की तलाश में दबिश दे रही है। कई संदिग्धों को उठाकर पुलिस पूछताछ कर चुकी है लेकिन अभी तक कोई राज नहीं मिल सका। पुलिस टीम बाबूगंज, शेखपुर में लगे बीटीएस टावर से भी बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक संजय राय ने बताया कि पुलिस टीमें अपना काम कर रहीं हैं। जल्द की घटना का खुलासा होगा।
छोटेलाल को नहीं पता बेटे व बेटी को लगी है चोट
डकैतों के शिकार छोटेलाल को यह नहीं पता कि उसके बेटे जीतेंद्र व बेटी सुनीता को चोट लगी है। वह प्रयागराज में भर्ती है। वह पूछने पर यही बताता था कि घर में ही बच्चे हैं। उसके चेहरे पर अभी भी बदमाशों का खौफ देखा जा रहा है।
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सुनीता के पैर से निकाली बुलेट
प्रयागराज के एसआरएन में भर्ती सुनीता का सोमवार को ऑपरेशन हुआ। उसके पैर के पंजे का ऑपरेशन कर बुलेट निकाली गई। उम्मीद जताई जा रही है कि एक दो दिन में सुनीता व जीतेंद्र घर आ जाएंगे।
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