जनसुनवाई के दौरान ऑनलाइन रहेंगे थानेदार, पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने की पहल
- पहले दिन 46 फरियादियों के मामले में पुलिस से जानी हकीकत, फर्जी शिकायत लेकर पहुंचे फरियादियों की खुली पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। घटनाओं के सिलसिले में स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने की शिकायत लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय आने वाले फरियादियों को तत्काल राहत मिलेगी। एसपी की मौजूदगी में फरियादियों की शिकायत सुनने के बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से थानेदार सामने ही हकीकत बताएंगे।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कार्य दिवस के दौरान सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक चलने वाली जनसुनवाई के दौरान तीन घंटे तक सभी थानाध्यक्ष ऑनलाइन रहेंगे। गूगल मीट के जरिए पुलिस अधीक्षक सभी को जोड़ेंगे। थानेदार की गैरमौजूदगी में प्रभारी को यह जिम्मेदारी निभानी होगी। सोमवार से इसकी शुरुआत हुई। तकरीबन सभी थाना क्षेत्रों से 120 फरियादी अपनी समस्या लेकर एसपी के पास पहुंचे। जिसमें से 46 मामलों की सुनवाई के दौरान फरियादियों की शिकायत की हकीकत जानने के लिए ऑनलाइन मौजूद थानेदार से पूछा गया। फरियादी अपना पक्ष बता रहा था तो थानाध्यक्ष भी प्रकरण की हकीकत के साथ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी देते रहे। कई प्रकरण फर्जी निकले। जिस पर शिकायतकर्ता की एसपी ने क्लास भी लगाई। कई मामलों में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया।
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शिकायत करने वालों से कार्रवाई का लेंगे फीडबैक
पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने शिकायतों के निस्तारण व फीडबैक के लिए सात पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। जो शिकायतकर्ता से फीडबैक लेंगे। यदि शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिलता है तो उसके प्रकरण की जांच करने वाले पुलिसकर्मी व दरोगा से सत्यापन करने वाला पुलिसकर्मी पूछताछ करेगा। जिस बिंदु पर पीड़ित को दिक्कत होगी। उस बिंदु पर फिर से जांच होगी। जरूरत पड़ने पर दूसरे पुलिसकर्मी प्रकरण की जांच करने पहुंचेंगे।
पोर्टिको को बना दिया फरियादियों के बैठने का स्थल
पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिकायत लेकर आने वालों को अब इधर- उधर नहीं खड़ा होना पड़ेगा। एसपी ने कार्यालय के बाहर पोर्टिको में अपनी गाड़ी खड़ी करने पर रोक लगा दी है। यहां शिकायत लेकर आने वालों को बैठाया जाएगा ।
जनसुनवाई के दौरान फरियादी व पुलिस आमने-सामने होंगे। इससे प्रकरण की हकीकत का तत्काल पता चलेगा। पुलिसकर्मी भी शिकातयों का सही निस्तारण करेंगे।
सतपाल अंतिल, पुलिस अधीक्षक