दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में ही सर्दी रौ में आ गई है। सुबह-शाम के साथ अब दिन में ठंड असर दिखाने लगी है। धूप भी बेअसर साबित हो रही है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद पछुआ हवाएं चलने के कारण गलन और कंपकंपी शुरू हो गई है। दिनभर लोग स्वेटर, जैकेट में दिख रहे हैं। तापमान में भी तेजी से गिरावट आई है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 24.7 व न्यूनतम 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। मौसम विभाग की मानें तो पछुवा हवाओं की निरंतरता बनी रही तो आने वाले दिनों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी।
वैसे तो दीपावली बाद ही हल्की ठंड एहसास शुरू हो गया था। नवंबर माह में मौसम का उतार-चढ़ाव बना रहा। इससे तापमान में गिरावट नहीं आई। यही वजह रही ठंड का असर पूरे नवंबर माह तक नहीं दिखा। इस दौरान पुरवा हवाएं मंद गति में बहती रहीं। अधिकतम तापमान 30 डिग्री व न्यूनतम 22 व 23 डिग्री सेल्सियस बना रहा। दिसंबर माह में पुरवा और पछुआ हवाओं के बीच द्वंद्व शुरू हुआ। पहले सप्ताह से ही तापमान लुढक़ना शुरू हो गया। सबसे ज्यादा असर दूसरे सप्ताह में देखने को मिला।
पश्चिम की पहाड़ी हवाओं के प्रभाव के चलते अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सिएस से लुढक़कर 24 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 22 से गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। इससे धूप भी बेअसर हो गई है। पश्चिम की पहाड़ी हवाएं निरंतर असर बनाए हुए हैं। रात में हवाओं का असर तेज हो जाता है। जिसका असर साफ दिखने लगा है। रात में ठंड और गलन भी महसूस की जा रही है। शाम होते ही शहर के अंबेडकर चौराहे, घंटाघर, भंगवाचुंगी, पंजाबी मार्केट, मीराभवन सहित प्रमुख बाजारों में जगह-जगह अलाव जलने शुरू हो गए हैं। सुबह से लेकर शाम तक लोग जैकेट, स्वेटर में दिख रहे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि चंद दिनों में ही कड़ाके की ठंड पड़ेगी।
बीते दो दिनों से आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ बनी हुई है। पुरवा और पछुआ के द्वंद्व से बादल आमसान में डेरा जमाए हुए हैं। हलांकि शाम होते ही पछुवा हवाओं का प्रभाव तेज होने से बादल असर नहीं दिखा पा रहे हैं। मौसम विभाग की माने तों अभी बारिश की संभावना नहीं है।