मंगलवार आधी रात आसमान में छाईं काली घटाओं ने झमाझम बारिश की। मंगलवार की रात के बाद बुधवार को दिनभर बारिश का क्रम लगा रहा। इससे गर्मी से लोगों को राहत मिल गई। शहर में बारिश के चलते लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा।
चोक नालियों के चलते पानी नहीं निकल पा रहा था। शहर की गलियों, संपर्क मांर्गों के साथ ही हाइवे पर भी बारिश से जलभराव हो गया। इससे आवागमन में लोगों को काफी दिक्कत हुई। जलभराव के चलते लोग घरों में कैद रहे। बारिश के चलते आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। मौसम विभाग के अनुसार 38 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
मंगलवार की रात आसमान में बादल सक्रिय हुए तो झमाझम बारिश शुरू हो गई। बुधवार को दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। सुबह से लेकर शाम तक कभी रिमझिम तो कभी झमाझम बारिश का क्रम लगा रहा। इससे गर्मी से तो लोगों को राहत मिल गई, मगर लगातार बारिश से जगह-जगह जलभराव व कीचड़ ने दिक्कत पैदा कर दी। शहर में झमाझम बारिश से भीषण जलभराव हो गया। चोक नालियों की वजह से समुचित जलनिकासी नहीं हो पा रही थी। इससे शहर की गलियों, संपर्क मार्गों पर पानी भर गया। शहर के विवेकनगर, शिवजीपुरम, पल्टनबाजार, सीएन सिंह गली, चंपासुर्ती रोड, बेगमवार्ड आजाद नगर, सिप्तैनरोड, नयामाल गोदामरोड, अष्टभुजानगर, जोगापुर आदि स्थानों पर भीषण जलभराव रहा। मार्गों पर घुटने तक पानी लगा रहा।
इससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हुई। इधर, भगवाचुंगी के समीप तिलक इंटर कालेज, जीआईसी, मालती इंटर कालेज, आत्रेय अकेडमी सहित शहर के कई शैक्षिक संस्थानों में बारिश के चलते जलभराव हो गया। भंगवाचुगी चौराहे से लेकर तिलक इंटर कालेज तक प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर पानी भरा रहा। इससे राहगीरों को काफी दिक्कत हुई। दिनभर लोग घरों में कैद रहे। बारिश के चलते शहर के पंजाबी मार्केट, सदर बाजार, घंटाघर, बाबागंज, स्टेशरोड सहित भीड़भाड़ वाले इलाकों में चहल-पहल कम रही। दिनभर लोगों को गिरते-फिसलते देखा गया। अव्यवस्था को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश रहा। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि अधिकतम तापमान 36 जबकि न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। 38 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है।
दुकानों व घरों में घ़ुसा पानी
शहर में दुकानों व घरों में बारिश का पानी घुस गया। इससे दुकानों की सामाग्री भीग गई। गृहस्थी के सामान भी खराब हो गए। सामानों को सुरक्षित करने को लेकर दिनभर लोग मशक्कत करते रहे। घरों से पानी निकालते रहे।
धान की फसलों को मिली संजीवनी, खिल उठे किसानों के चेहरे
झमाझम बारिश ने फसलों के लिए संजीवनी का काम किया है। सिंचाई न होने से फसलें प्रभावित हो रही थीं। बुधवार को दिनभर बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे। खेतों में पानी का ठहराव करने के लिए किसान मेड़बंदी करने में जुटे रहे।
धान की फसल सिंचाई न होने की वजह से प्रभावित हो रही थी। नहर में पानी न होने से किसान चिंतित थे। मंगलवार की रात बारिश शुरू हुई तो किसानों के चेहरे खिल उठे। बुधवार को दिनभर बारिश होती रहीं। इससे खेतों में पानी जमा हो गया। अंचल के रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर क्षेत्र में किसान दिनभर खेतों का पानी संजोने के लिए मेड़बंदी करते रहे। रानीगंज के किसान शेष बहादुर सिंह, हरिश्चंद्र शुक्ल, अलीमुद्दीन ने बताया कि यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी है। इससे पौधे तेजी से बढ़ेंगे। बारिश का यदि यही क्रम रहा तो फसलों की पैदावार अच्छी होगी।