बीटीसी 2011 और बीटीसी 2012 के अभ्यर्थियों की लड़ाई उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डायट प्राचार्य से चार फरवरी को जवाब मांगा है। बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी, उर्दू बीटीसी के 15000 भर्ती में वर्ष 2012 के बीटीसी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए वर्ष 2011 के अभ्यर्थी लम्बे समय से संघर्ष कर रहे हैं।
जिले में धरना-प्रदर्शन कर परीक्षा नियामक प्राधिकारी तक अपनी आवाज पहुंचाने वाले अभ्यर्थियों को जब कोई कामयाबी नहीं मिली तो उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ में वाद दायर कर न्याय की मांग की है। बीटीसी वर्ष 2011 के अभ्यर्थियों का आरोप है कि वर्ष 2012 के प्रशिक्षकों का 50 दिन का क्रियात्मक प्रशिक्षण नहीं कराया गया। विभागीय अधिकारी जिस तिथि में क्रियात्मक प्रशिक्षण दिखा रहे हैं उस समय प्राइमरी स्कूलों में शीतावकाश था। बीटीसी संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरव सिंह की याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने डायट प्राचार्य से चार फरवरी को जवाब दाखिल करने को कहा है।