कस्तूरबा गांधी स्कूलों में इंटर की पढ़ाई का दावा फेल
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रशासनिक भवन निर्माण के लिए बजट व अफसरों का आदेश न मिलने से इंटर की कक्षाएं चलने का दावा फेल हो गया। अब व्यवस्था यह बनाई जा रही है कि बालिकाएं पढ़ने के लिए इंटर कॉलेज में जाएंगी, मगर उनके रहने- खाने की व्यवस्था कस्तूरबा गांधी स्कूल में रहेगी। विभाग का मानना है कि इससे गरीब परिवार की बालिकाएं आगे की पढ़ाई कर सकेंगी।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को उच्चीकृत कर उनमें इंटर तक की कक्षाएं संचालित करने की योजना थी। इसके लिए प्रशासनिक कक्ष के साथ ही शिक्षण कक्षों का निर्माण होना था। मगर शासन ने अब तक न तो कोई बजट जारी किया और न ही कोई दिशा निर्देश ही आया है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने पहले चरण में संडवा चंडिका, सांगीपुर और रामपुर संग्रामगढ़ को पहले चरण में चयनित किया गया था। कक्षा नौ से 12वीं तक पढ़ाने के लिए शिक्षक और कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होने से अब कक्षा आठ पास करने वाली छात्राओं को दूसरे कॉलेज में प्रवेश लेना होगा।
जिले में 15 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में 1600 बालिकाएं आठवीं तक की पढ़ाई कर रही हैं। आठवीं पास करने के बाद छात्राओं को नौवीं कक्षा में दूसरे कॉलेज में दाखिला लेना पड़ता था। ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकतर छात्राएं अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले पातीं और उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट जाती थी। इसे देखते हुए शासन ने बीते वर्ष कस्तूरबा विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया था। इसके लिए विद्यालयों को उच्चीकृत करते हुए नए भवन का निर्माण कराना था।
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कस्तूरबा विद्यालयों को उच्चीकृत किया जाना है, मगर अभी प्रशासनिक भवन, शिक्षण कक्ष और शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से वर्तमान शिक्षासत्र में संचालन नहीं होगा। हालांकि जिन्होंने कक्षा आठ उत्तीर्ण किया है, उन्हें निकट के कॉलेज में दाखिला लेने के बाद रहने और खाने की सुविधा दी जा रही है।
मो.इजहार, जिला समन्वयक, बालिका शिक्षा, बेसिक शिक्षा विभाग