नगर पालिका में सफाईकर्मी बनने के लिए बुधवार को उच्च शिक्षा की डिग्री धारण करने वाले भी पहुंचे। हाथ में फावड़ा उठाने के साथ ही झाड़ू भी उठा ली। शहर के नालों व सड़कों की सफाई करने में कोई झिझक नहीं दिखाई। इसे लेकर हादीहाल से लेकर नगर पालिका परिषद तक लोगों का जमघट लगा रहा।
नगर पालिका से संविदा पर 34 सफाईकर्मियों के तैनाती का आवेदन मांगा गया था। तकरीबन साढ़े 18 हजार लोगों ने आवेदन किया है। बुधवार से सफाईकर्मी बनने की परीक्षा शुरू हो गई। नगर के हादीहाल में अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ला, ईओ नगर पालिका अवधेश यादव, जिला आबकारी अधिकारी बच्चालाल, डूडा के परियोजना निदेशक व सफाई निरीक्षक ऋषिपाल सिंह दोनों पालियों में अभ्यर्थियों की परीक्षा लेते रहे। एक हजार आवेदन करने वालों को बुलाया गया था। जिसमे से सवा छह सौ अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। सफाईकर्मियों के पद पर परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को टोलियां बनाकर सफाई नायकों के हवाले किया गया। आजाद नगर, केपी कॉलेज, डीआईओएस कार्यालय समेत शहर के अन्य इलाकों की सफाई कराने के लिए सभी को हाथ में फावड़ा व झाड़ू थमा दी गई। इन अभ्यर्थियों में उच्च डिग्री धारक भी थे। बेरोजगारी का दंश झेल रहे लोगों ने सफाई कर्मचारी बनने के लिए झिझक भी छोड़ दिया। नालों से सिल्ट निकालने के साथ ही सड़कों की सफाई भी करते नजर आए। आला अधिकारी भी बराबर निगरानी करते रहे। दूसरी पाली की परीक्षा में बरसात होने लगी। जिससे कुछ अभ्यर्थियों की परीक्षा आधी अधूरी ही हो सकी।
वहीं सफाई कर्मचारी बनने के लिए महिलाएं भी किसी से पीछे नहीं रहीं। पहले मौखिक परीक्षा से सभी को दो चार होना पड़ा। इसके बाद सभी को शहर की सफाई के लिए भेज दिया गया। वे भी परीक्षा में पास होने के लिए हाथों में झाड़ू उठा लीं। वहीं नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी अवधेश यादव ने बताया कि वैसे तो सभी को बुलावा पत्र भेजा गया है। पंजीकृत अभ्यर्थियों की सूची भी परिसर में लगा दी गई है। इसके अलावा गैर जनपद या जिले के लोग एनआईसी पर नगर पालिका की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण देख सकते हैं। यदि कोई अपरिहार्य कारणों से परीक्षा देने से वंचित हो जाता है तो उसे अंतिम दिन मौका मिल सकता है।