अपर जनपद न्यायाधीश आलोक द्विवेदी ने जानलेवा हमले के मामले में दोषी पाते हुए लालगंज के गाबी महुआवन गांव के मोहम्मद मारुफ उर्फ महरुफ व मकसूद को दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष कारावास व सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
वादी मुकदमा महफुल निशा के अनुसार, चार जुलाई 2015 को दिन में दो बजे उसके पट्टीदार महरुफ के घर के बच्चों से जामुन तोड़ने की बात को लेकर विवाद कर रहे थे। उसने अपने बच्चों को झगड़ा करने से मना किया। इस दौरान आरोपी व उनके परिजन लाइसेंसी बंदूक व धारदार हथियार लेकर गाली-गलौज करते हुए फायरिंग करने लगे।
मारपीट में उसके पति फारुख व बचाव के लिए दौड़े मनोज गंभीर रूप से घायल हो गए। गांव के लोगों के दौड़ने पर किसी तरह से मामला शांत हुआ था। इस मामले में मारुफ व मकसूद के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल हुआ। जबकि आरोपी महबूब व रहफूल के विरुद्ध विवेचना प्रचिलिति बताई गई।
इस मामले में कुछ नामजद नाबालिग आरोपी हैं। ऐसे में पत्रावली को किशोर न्यायालय में भेजा गया है। इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी राकेश प्रताप सिंह ने की।