अगर आपकेपास पुराना स्टांप बचा हुआ है और उसका कोई उपयोग नहीं है तो उसे विभाग में वापस कर सकते हैं। वापसी के समय स्टांप की कुल धनराशि से दस प्रतिशत की कटौती की जाएगी। विभाग ने पहली बार पहल करते हुए आम लोगों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया है। स्टांप विभाग ने आम ग्राहकों को राहत देने के लिए स्टांप रिटर्न योजना प्रारंभ की है। इस योजना के तहत कोषागार या वेंडर से स्टांप खरीदने वाले उन लोगों को काफी सहूलियत होगी, जिनके पास खरीदने के बाद स्टांप का उपयोग नहीं हो पाता है।
विभाग ने ऐसे स्टांपों की वापसी की व्यवस्था बनाई है। मगर वापसी के दौरान दस प्रतिशत की कटौती भी की जाएगी। एआईजी स्टांप शिव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पूर्व में यह व्यवस्था लागू थी, मगर बीच में बंद कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू है। जिन लोगों के पास पुराने या निष्प्रयोज्य स्टांप रखे हुए हैं, वे दस प्रतिशत कटौती के साथ वापस कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सक्षम अधिकारी एडीएम होते हैं। इसलिए उन्हीं को प्रार्थना पत्र देकर निष्प्रयोज्य स्टांपों की वापसी कर सकते हैं। लंबे समय से पुराने स्टांपों की वापसी को लेकर अधिवक्ता और अन्य लोग परेशान थे। अब विभाग के फैसले से उन्हें काफी राहत मिलेगी।