बढ़ती महंगाई का असर रसोई में दिखने लगा है। महंगाई का तड़का आंखें लाल कर रहा है। चीनी, चावल, गेहूं का आटा, सरसों का तेल, चना समेत कई खाद्य सामग्रियों के दाम बढ़े तो रसोई का बजट बिगड़ गया।
किराना व्यापारियों के अनुसार, नया स्टॉक अधिक कीमत पर आने से खुदरा बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं। किराना व्यापारी राजू अग्रवाल ने बताया कि सरसों के तेल में 10 रुपये प्रति लीटर, तिल के तेल में 40 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, चीनी के दाम भी बढ़े हैं।
वर्जन
पहले की तुलना में अब मासिक राशन पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है, जिससे अन्य जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। पहले जहां महीने भर का रसोई खर्च 2500 रुपये आता था। अब वही 3000 से 3200 तक पहुंच गया है।
ज्योति सिंह गृहिणी
सीमित आय में घर चलाना पहले की तुलना में अधिक कठिन को गया है। खर्चों को संतुलित करने के लिए कई जरूरी चीजों में भी कटौती करनी पड़ रही है। - विशाखा श्रीवास्तव, शिक्षिका
इनसेट-
खाद्य पदार्थ-अब 15 दिन पहले
सरसों का तेल- 195 रुपये प्रति लीटर185 रुपये प्रति लीटर
तिल का तेल- 180 रुपये प्रति लीटर140 रुपये प्रति लीटर
गेहूं का आटा 35 रुपये प्रति किग्रा-33 रुपये प्रति किग्रा
चावल बासमती110 रुपये प्रति किग्रा100 रुपये प्रति किग्रा
चना-80 रुपये प्रति किग्रा 75 रुपये प्रति किग्रा
नोट-सभी दाम स्थानीय दुकानदारों के अनुसार।
किराना की दुकान। संवाद
किराना की दुकान। संवाद