रिश्तेदारों के पहुंचने पर तीसरे दिन भी गूंजती रहीं सिसकियां, गांवों में दिन भर पसरा रहा सियापा
लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर मोहनगंज विक्रमपुर के करीब टेंपो के रौंदते हुए पलट गया था टैंकर , 12 लोगों की गई थी जान, चार की हालत बनी है गंभीर
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। काल के क्रूर मजाक से जेठवारा , लीलापुर व सुलतानपुर के 12 लोगों की हादसे में मौत के बाद प्रभावित गांवों में अब मातम और आंसुओं का सैलाब है। दुर्घटना के बाद से पीड़ित परिवारों में चीत्कार और चीख पुकार थमने का नाम नहीं ले रही। हर कोने में मरघट सा सन्नाटा है। विधाता की लिखी इस अनहोनी के बाद मृतकों के परिजन सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं।
बुधवार को घटना के तीसरे दिन भी अधिकांश लोग घरों में ही कैद रहे। बीच-बीच में मृतकों के परिवारवालों की कभी सिसकियां तो कभी दहाड़ मारकर रोने की आवाजें आती रहीं। सांत्वना जताने के लिए दिन में कई बार नात रिश्तेदारों का आना जाना होता रहा। उन्हें देखते ही घर के पुरुषों और महिलाओं की चीत्कार गूंज उठती। रिश्तेदार भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। एक दूसरे को संभालने का प्रयास होता रहा।
सोमवार को करीब सवा तीन बजे लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर लीलापुर थाना क्षेत्र के मोहनगंज विक्रमपुर मोड़ के करीब टेंपो को रौंदते हुए गैस टेलर पलट गया था। जिसमे 12 लोगों की मौत हो गई थी और 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। हादसे में जेठवारा थाना क्षेत्र के भैरोपुर नौबस्ता नारायनपुर के टेंपो चालक संतोष गौतम, उसके पिता राधेश्याम और मां अंजू देवी ने दम तोड़ा था।
लीलापुर थाना क्षेत्र के घीसा का पुरवा निवासी रमेश कुमार, जेठवारा थाना क्षेत्र के जूड़ापुर निवासी नीरज पांडेय व उसकी भांजी गौरी, धनसारी निवासी हरिकेश श्रीवास्तव, रेड़ी निवासी मोहम्मद रईसव उनकी पत्नी गुलशन, छिवलहा निवासी शीतला प्रसाद यादव और सुलतानपुर के बंधुआ कला की रहने वाली स्टाफ नर्स शहनाज व उसकी बहन आशा असद की भी मौत हो गई थी।
इनके घरों पर घटना के तीसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। इस मामले में मृतक टेंपो चालक संतोष के भाई मनोज की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। थानाध्यक्ष सुभाष यादव ने बताया कि आरोपी चालक सतीश तिवारी का भी प्रयागराज एसआरएन में उपचार चल रहा है। घटना कैसे हुई। इसकी छानबीन की जा रही है। यदि मृतकों के परिजन तहरीर देते हैं तो दर्ज मुकदमे में शामिल कर लिया जाएगा।
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हादसे के तीसरे दिन भी नहीं मिली आर्थिक मदद
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये देने का किया था एलान
प्रतापगढ़। लखनऊ- वाराणसी राजमार्ग पर सोमवार को हुई दुर्घटना में मृत 12 लोगों के परिजनों को तीसरे दिन भी आर्थिक मदद नहीं मिली। जबकि मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की थी। हालांकि जिलाधिकारी प्रकाशचंद्र श्रीवास्तव के प्रयास से घायलों को रेडक्रास सोसायटी की ओर से 25-25 हजार रुपये की मदद मुहैया कराई जा चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद लालगंज तहसील प्रशासन मृतकों व घायलों का ब्यौरा समेत अभिलेख एकत्र कर अपने साथ ले गया। जिला प्रशासन भी सभी आश्रितों की 24 घंटे के भीतर मदद देने का भरोसा दिया था। बुधवार को घटना के तीन दिन बाद भी आर्थिक मदद नहीं मिल सकी। एसडीएम लालगंज लालधर यादव ने बताया कि सभी का ब्योरा एकत्र कर लिया गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद धनराशि आश्रितों तक पहुंचाई जाएगी।