कर चोरी करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए मंगलवार को आयकर विभाग के 35 अधिकारियों की टीम शहर के तीन बड़े प्रतिष्ठानों पर सर्वे करने पहुंची। सदर मोड स्थित रूमा हॉस्पिटल, चौक स्थित बालाजी ज्वैलर्स और मोती महल रेस्टोरेंट में आयकर अधिकारियों के पहुंचने से हड़कंप मच गया। मोती महल में अफसरों के पहुंचते ही मैनेजर भागने लगा, जिसे पुलिसकर्मियों ने धर दबोचा। श्यामबिहारी गली और पंजाबी मार्केट में व्यवसायी दुकानें बंदकर निकल लिए। तीनों प्रतिष्ठानों पर हुए सर्वे में स्टाक, बिल बाउचर और रजिस्टर में काफी अंतर मिला है। मोती महल होटल के निर्माण में खर्च हुई धनराशि का स्रोत भी आयकर विभाग ने मांगा है।
शहर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम तीन बड़े प्रतिष्ठानों पर सर्वे के लिए पहुंच गई। भारी भरकम फोर्स लेकर पहुंचे आयकर अधिकारियों को देखते ही कर्मचारियों और व्यापारियों के होश उड़ गए। आयकर विभाग के अपर आयुक्त अमित निगम के नेतृत्व में अफसरों ने शहर के रूमा हास्पिटल, बालाजी ज्वैलर्स और मोती महल होटल में लगभग छह घंटे तक रहकर मैनेजर, डॉक्टर और कर्मचारियों से गहन पूछताछ की।
रूमा हास्पिटल में पांच इंस्पेक्टर, 11 दरोगा और भारी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे आयकर अधिकारियों ने पूरे अस्पताल को अपने कब्जे में ले लिया। बिलिंग काउंटर खंगालने के बाद डॉक्टरों और कर्मचारियों से पूछताछ की। लगभग छह घंटे तक अस्पताल में रहकर मरीजों से फीस, एक्सरे, ब्लड जांच के लिए वसूले जाने वाले शुल्क की जानकारी ली। मेडिकल स्टोर पर दवाओं के मूल्य देखने के साथ ही बिलिंग का ब्यौरा लिया। देर शाम तक शहर के तीनों प्रतिष्ठानों पर हुए सर्वे में स्टाक, बिल बाउचर और रजिस्टर में काफी अंतर मिला। मोती महल होटल के निर्माण में खर्च हुई धनराशि का स्रोत भी आयकर विभाग ने मांगा है।
बालाजी ज्वैलर्स और मोती महल होटल में अफसरों के पहुंचते ही व्यापारी अलर्ट हो गए। श्यामबिहारी गली और पंजाबी मार्केट में जेवरात की दुकानें बंदकर व्यवसायी भाग निकले। मोती महल होटल में तैनात मैनेजर को जैसे ही आयकर विभाग के अधिकारियों ने अपना परिचय दिया, कंप्यूटर उनके हवाले करते हुए वह चुपके से भागने लगा। हालांकि पुलिसकर्मियों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया।
पहली बार सर्वे करने पहुंचे अधिकारी
जिले में पहली बार आयकर विभाग के अधिकारी इतनी बड़ी संख्या में सर्वे करने पहुंचे। रूमा हॉस्पिटल पहुंचने पर लोगों को ऐसा प्रतीत हुआ कि और किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। मगर जब बालाजी ज्वैलर्स और मोती महल में अधिकारी पहुंचे तो और भी व्यवसायी शटर डाउन कर चलते बने।
ज्वैलर्स की दुकान में छिपाकर रखा मिला बही खाता
बालाजी ज्वैलर्स में सर्वे करने पहुंचे आयकर अधिकारियों को पहले तो बही खाता नहीं दिया गया, बल्कि कंप्यूटर डाटा ही दिखाया जा रहा था। अफसरों ने जब एक-एक कागज खोजना प्रारंभ किया तो छिपाकर रखा गया बही खाता भी हाथ लग गया। दुकान से अफसरों ने अभिलेख भी अपने कब्जे में लिया है।
कई नेता और बड़े व्यापारी आयकर के रडार पर
आयकर अफसरों के रडार पर जिले के बीस ऐसे व्यवसायी और नेता हैं, जिन पर कार्रवाई होनी है। मगर आयकर विभाग के अधिकारी कब आएंगे, इस बात की जानकारी देने से इंकार कर रहे हैं, अपर आयुक्त ने बताया कि शीर्ष अफसरों का लगातार दबाव है। जिले में छापेमारी का दौर जारी रहेगा।
तीनों प्रतिष्ठानों से बिल बाउचर, रजिस्टर और जरूरी अभिलेख सीलकर कब्जे में ले लिया गया है। सभी अभिलेखों की जांच होने के बाद नोटिस जारी होगा। अगर प्रतिष्ठान के संचालक चाहें तो आत्मसमर्पण कर वास्तविक कर जमा कर कार्रवाई से बच सकते हैं। मगर जांच के दौरान कर चोरी पकड़ में आने पर सरचार्ज के साथ वसूली की जाएगी।
अमित निगम, अपर आयुक्त, आयकर विभाग, फैजाबाद।