पट्टी कोतवाली के रायपुर रोड पर सर्राफा व्यापारी को बदमाशों द्वारा गोली मारने के बाद सीएचसी में ज?
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पट्टी में सराफ की हत्या कर दस लाख के जेवरात लूटे जाने की घटना के बाद शाम करीब सात बजे जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने चौक में ही अपनी गाड़ी रोक दी और पैदल घटनास्थल तक गए। आसपास के लोगों के साथ ही पुलिस कर्मियों से जानकारी लेने के बाद डीएम ने घटना के जल्द खुलासे के निर्देश दिए।
सराफ की हत्या के बाद घटनास्थल पर जा रहे एसपी को चौक में शाम करीब पौने सात बजे व्यापारियों ने रोक लिया था। आधे घंटे तक उनकी गाड़ी रोके रही। घटना की सूचना मिलने पर शाम करीब साढ़े सात बजे जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल भी पट्टी पहुंच गए। चौक में व्यापारियों का जमावड़ा देख डीएम ने अपनी गाड़ी रोक दी और पैदल ही घटनास्थल तक गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों से घटना की जानकारी लेने के बाद बदमाशों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।
दूसरे दिन फिर भागकर पहुंचे एडीजी, कोतवाल को दिया तीन दिन का अल्टीमेट
पट्टी में सराफ की हत्या कर दस लाख रुपये के जेवरात लूटे जाने की घटना की जानकारी होने पर एडीजी जोन प्रेमप्रकाश को शनिवार को फिर दूसरे ही दिन भागकर प्रतापगढ़ आना पड़ा। शनिवार रात करीब नौ बजे वह घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी से घटना की जानकारी लेने के बाद उन्होंने पट्टी कोतवाल को खुलासे के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
बृहस्पतिवार को सुबह करीब नौ बजे शहर के सराफा बाजार में बदमाशों ने सराफ सुरेश सोनी की दुकान में डकैती डाल दी थी। करीब नब्बे लाख के जेवरात और दस हजार नगदी लूट ले गए थे। घटना की जानकारी होने के बाद एडीजी जोन प्रेमप्रकाश उसी दिन प्रतापगढ़ पहुंच गए। रातभर वह एसपी समेत अन्य पुलिस अफसरों के साथ घटना के खुलासे के लिए माथापच्ची करते रहे। रात में वह एसपी के साथ बाइक पर चेकिंग अभियान की हकीकत खंगालने के लिए निकले।
उन्होंने घटना के खुलासे के लिए अलग-अलग कई टीमें गठित कीं। शुक्रवार को भी वह जिले में रहकर दिनभर अफसरों के पेच कसते रहे। लालगंज कोतवाली के निरीक्षण के दौरान लापरवाही मिलने पर उन्होंने कोतवाल को निलंबित कर दिया था।
शाम को वह प्रयागराज के लिए रवाना हुए। शनिवार को पट्टी में सराफ की हत्या और लूट की घटना के बाद दूसरे ही दिन उन्हें फिर भागकर प्रतापगढ़ आना पड़ा। रात करीब नौ बजे वह पट्टी में घटनास्थल पर पहुंचे। पूछताछ करने के बाद एडीजी ने घटना को लेकर पट्टी कोतवाल नरेंद्र सिंह को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कोतवाल को अल्टीमेटम दिया कि तीन दिन के अंदर घटना का खुलासा न होने पर निलंबित होने के लिए तैयार रहो।