भाई व भतीजों ने मार डाला, बाप-बेटे का कर दिया कत्ल
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। जमीन व संपत्ति के विवाद में लोग अपनों की जान लेने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। यहां भी जमीन के लिए दोहरे हत्याकांड की घटनाएं हो चुकी हैं। जमीनी विवाद का समय पर निस्तारण न होना भी हत्या, जानलेवा हमला जैसी वारदातों के लिए प्रमुख वजह बन रही हैं। इस साल के बीते आठ माह में जमीन व संपत्ति के विवाद में 23 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है। जबकि इसके पहले जमीन के विवाद में पट्टी, कंधई, मानधाता में दोहरा हत्याकांड हो चुका है।
केस-1
जमीन के लिए भाई व भतीजों ने कर दिया कत्ल
कुंडा कोतवाली के गुलाम चिश्ती का पुरवा निवासी मेवालाल का अपने सगे भाई बंशीलाल व भतीजों से जमीन व पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चला आ रहा था। जिसे लेकर 14 जुलाई 2023 को भाई व भतीजों ने मेवालाल की लाठी डंडे से पिटाई कर मौत के घाट उतार दिया।
केस-2
भरी पंचायत में पिता-पुत्र की कर दी गई थी हत्या
रानीगंज के शेखूपुर निवासी दयाशंकर व चिंतामणि के बीच जमीन के आबादी की जमीन को लेकर एक दशक से विवाद चला आ रहा था। दोनों पक्षों के बीच सुलह समझौते को लेकर 16 अगस्त 2020 को समाज के लोगों की पंचायत बुलाई गई थी। बातचीत के दौरान ही दोनों पक्षों में टकराव हो गया। चिंतामणि पक्ष के लोगों ने दयाशंकर व उसके बेटे आनंद की लाठी डंडे से पीटकर हत्या कर दी थी।
केस-3
न्यायालय में चल रहा था जमीन का मुकदमा, हो गई हत्या
उदयपुर थाना क्षेत्र के राहाटीकर निवासी अजय सिंह का पड़ोसियों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। जमीन का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। जिसकी रंजिश में पड़ोसियों ने लाठी डंडे व बल्लम से मारपीट कर अजय सिंह की हत्या कर दी।