शहर की बदहाल सडक़ों पर ऐतिहासिक रामलीला की झांकियों का मंचन इस बार आसान नहीं होगा। संपर्क मार्ग के साथ ही राजमार्ग पर जगह-जगह गड्ढे व उखड़ चुकीं सडक़ों पर झांकियां डगमाएंगी। रथ हिचकोले खाएंगे। सडक़ों पर आड़े-तिरछे लगे होर्र्डिंग्स भी अवरोध उत्पन्न करेंगे। नवरात्र के पर्व से शुरू होने वाले ऐतिहासिक रामलील मंचन को लेकर प्रशासन अनजान बना है। जबकि पर्व शुरू होने में अब महज गिनती के दिन शेष रह गए हैं।
शहर में श्रीरामलीला समिति द्वारा आयोजित ऐतिहासिक रामलीला की झांकी का मंचन नवरात्र के पहले दिन से ही शुरू हो जाएगा। लगातार 12 दिनों तक झाकिंयों व रथों के बीच कलाकार भगवान की लीला मंचन करते हैं। 12वें दिन ऐतिहासिक भरत मिलाप होता है। इसमें कई दलों द्वारा झांकियां निकलती हैं। प्रयागराज-फैजाबाद राजमार्ग के साथ ही संपर्क मार्गों से होते हुए शहर का भ्रमण करती हैं। शहर का यह सबसे बड़ा व ऐतिहासिक कार्यक्रम होता है। जिले से ही नहीं गैरजनपदों से भी कार्यक्रम को देखने के लिए भीड़ उमड़ती है।
पर्व को शुरू होने में अब महज 12 दिन शेष हैं। 29 सितंबर से रामलीला झांकियों का मंचन शुरू हो जाएगा। मगर विडंबना यह है कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह लापरवाह बना है। शहर की सडक़ों की हालत खस्ता है। प्रयागराज-फैजाबाद राजमार्ग पर शहर के घंटाघर से लेकर सदर बाजार, बाबागंज तक राजमार्ग पर जगह-जगह गड्ढे ही गड्ढे हैं।
सडक़ें उखड़ चुकी हैं। पैदल चलना तक मुश्किल है। आए दिन बाइक से लोग गिरकर हादसों का शिकार होते हैं। ऐसे में बदहाल राजमार्ग से रथों व झांकियों का निकलना आसान नहीं होगा। बड़े-बड़े गड्ढों में झांकियां डगमगाएंगी व रथ हिचकाले खाएंगे। ऐसे में कलाकारों को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। इसके अलावा घंटाघर से कचहरी मार्ग तक पोल व चौराहों पर आड़े-तिरछे लगे होर्र्डिंग्स भी रथों व झांकियों की राह में रोड़ा बनेंगे।
जगह-जगह जलभराव, गंदगी से पटा है रामलीला मैदान
शहर के रामलीला मैदान में ऐतिहासिक मेले का आयोजन होता है। हजारों की भीड़ से पूरा मैदान खचाखच भरा रहता है। मगर मौजूदा समय में रामलीला मैदान में जगह-जगह जलजमाव है। पूरा परिसर गंदगी से पटा है। इसकी साफ- सफाई व जलनिकासी को लेकर अब तक कोई भी इंतजाम नहीं हो सका है।
झूलते तार दे रहे हादसे को दावत
शहर में जगह-जगह विद्युत तार लटक रहे हैं। यह हादसे को दावत दे रहे हैं। इसे लेकर विद्युत विभाग तनिक भी संवेदनशील नहीं है। झूलते तार भी झांकियों व रथों के निकलने में रोड़ा पैदा करेंगे।
चौक ठठेरी बाजार में टूटी राजमार्ग की सडक़।- फोटो : PRATAPGARH
रामलीला मैदान में जाने वाले रास्ते में हुआ कीचड़।- फोटो : PRATAPGARH