स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण की रकम जल्द ही पात्रों के खाते में पहुंचेगी। पात्रों को 12 हजार रुपये मिलेगा। सबसे पहले बजट लोहिया समग्र गांव के पात्रों को मिलेगा। ग्राम पंचायतों में पैसा जाने के करीब 15 दिन बाद निर्माण कार्य की जांच होगी। जिन पात्रों के शौचालय का निर्माण शुरू नहीं रहेगा उनसे अधिकारी कारण पूछेंगे। सही वजह न बता पाने वाले लाभार्थी की मंशा को संदिग्ध मानते हुए उस पर कार्रवाई की जाएगी।
अभी तक शौचालय पर 10 हजार रुपए की लागत निर्धारित थी। इसमें 900 रुपये लाभार्थी अंश और 4600 रुपये पात्र को मनरेगा से दिया जाता रहा है। बाकी पैसे का बजट सरकार अलग से देती थी। स्वच्ता अभियान के तहत शौचालयों की लागत का सरकार ने ब्योरा मंगाया। अधिकारियों की मानें तो निर्माण खर्च का जो पैसा आंका गया उसके मुताबिक 10 हजार रुपये इस महंगाई में कम था। यह देखते हुए केंद्र सरकार ने शौचालय निर्माण का पैसा बढ़ा कर 12 हजार रुपये निर्धारित किया। निर्देश दिया गया कि बढ़ी हुई दर से सबसे पहले 37 लोहिया समग्र गांव ग्राम पात्रों को लाभ दिया जाय। बता दें कि जिले के इन समग्र गांवों में कुल पांच हजार 465 पात्रों की सूची तैयार है। इन पात्रों को शौचालय का पैसा देने के लिए जिला पंचायत राज विभाग को करीब चार करोड़ 4 लाख रुपए का बजट शासन से मिला है। पात्रों के हिसाब से विभाग ग्रामपंचायतवार पैसे का बंटवारा कर चुका है। बहुत जल्द उन ग्राम पंचायतों में शौचालय का पैसा भेजने का काम शुरू होगा। पैसा पात्रों के खाते में जाएगा। गौर करने वाली बात यह है कि पात्रों के खाते में पैसा जाने के 15 दिन बाद निर्माण की जांच होगी। इस बीच जो जिनके शौचालय का निर्माण शुरू नहीं रहेगा उस पात्र को काम चालू न होने की वजह बतानी पड़ेगी। सही कारण न बता पाने वाले लाभार्थियों की मंशा संदिग्ध मानते हुए उस पर कार्रवाई कर दी जाएगी। यदि इस बीच किसी तरह की दिक्कत आने पर कोई लाभार्थी शिकायत अधिकारियों से कर देगा तो उसे जवाब नहीं देना पड़ेगा।
सीडीओ मनीष कुमार वर्मा ने एक नई व्यवस्था लागू की है। कहा है कि शौचालय निर्माण पूरा होने के बाद पात्र खुद सूचना विभाग को देंगे। ताकि उसकी समय से जांच की जा सके। जो लाभार्थी ऐसा नहीं करेगा अपूर्ण या शौचालय न बनने की दशा में उस पर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।