सहारनपुर मे कालका पसैंजर मे शव मिलने पर खडी ट्रेन।
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गुरुवार को एक ही पटरी पर दो ट्रेनों के आ जाने की घटना के मामले की जांच कर रही टीम ने इस लापरवाही का ठीकरा केबिनमैन रामचंद्र के सिर पर फोड़ दिया है। शुक्रवार को उसको सस्पेंड कर दिया गया।
गुरुवार को सुबह प्रयाग से फैजाबाद जा रही वनएफपी पैसेंजर और चिलबिला से आ रही जौनपुर इंटरसिटी प्रतापगढ़ में एक ही पटरी पर आ गई थीं। हालांकि टक्कर टल गई थी। मगर इसको घोर लापरवाही माना गया। इस मामले में सेंट्रल के केबिनमैन रामचंद्र को दोषी ठहराया गया है।
घटना की जांच कर रही टीम का आरोप है कि केबिनमैन को चिलबिला साइड से आने वाली जौनपुर एक्सप्रेस कोे पहले प्रतापगढ़ में लेना था। मगर, उसने प्रतापगढ़ में खड़ी प्रयाग पैसेंजर का सिग्नल लोवर कर दिया। जिससे दोनों ट्रेनें एक ही पटरी पर आमने-सामने आ गई थीं। इस घटना में रामचंद्र को प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर उसको तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है। केबिनमैन को सस्पेंड करने के बाद भी अभी जांच चल रही है। लखनऊ से डीआरएम ने गुरुवार को स्थानीय स्तर पर परिचालन और लॉबी के लोगों से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी।