स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौर ऊर्जा उत्पादों के उपयोग और बिक्री कार्य में जोड़ा जाएगा। सूर्य सखी बनकर महिलाएं काम करेंगी। ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के बारे में जागरूक करने के साथ उत्पादों की बिक्री भी गांव-गांव करेंगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत की एक सूर्य सखी को काम दिया जाएगा।
समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सूर्य सखी योजना की शुरुआत की गई है। योजना से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। सौर ऊर्जा उत्पादों की बिक्री और रखरखाव की जिम्मेदारी सूर्य सखियों को दी जाएगी। जिले की 1148 ग्राम पंचायतों में सूर्य सखियों को तैनात किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक सूर्य सखियां काम करेंगी। हालांकि इसके राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
योजना की शुरुआत होने से एक तरफ सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा। वहीं, महिलाओं को रोजगार भी मिल सकेगा। सोलर शॉप का संचालन करने का मौका भी सूर्य सखियों को दिया जाएगा। पीएम सूर्य घर योजना से सूर्य सखियों को जोड़ने की पहल की जा रही है। पिछले एक साल में 386 घरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जा चुका है। 268 उपभोक्ताओं को सब्सिडी भी जारी की गई है।
एक साल के अंदर 2899 उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए आवेदन किया है। योजना का लाभ करीब 85 फीसदी उपभोक्ताओं ने लिया है। अब ग्रामीणांचलों में सूर्य सखियां संयंत्र लगाने का काम करेंगी।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सूर्य घर योजना से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा संयंत्र की आसानी से स्थापना हो सकेगी। इससे बिजली की बचत दर में इजाफा होगा।
- मो. शाहिद सिद्दकी, परियोजना अधिकारी, नेडा।