शहर के छोटे व बड़े पार्कों की सूरत जल्द ही बदली-बदली नजर आएगी। इसके लिए नगर पालिका ने कवायद शुरू कर दी है। शहर में करीब 18 से अधिक पार्क हैं। इसमें से कई ऐसे पार्क हैं जो बदहाल पड़े हैं। बच्चों के झूले समेत बैठने की कुर्सियां भी टूट गई हैं। जिसके लिए नगर पालिका 87 लाख रुपये खर्च करने की तैयारी में हैं।
शहर में दो सबसे बेहतरीन पार्क हैं। जहां सुबह व शाम को बच्चों की खिलखिलाहट गूंजती है। बड़े लोग भी भी पार्कों में घूमने और टहलने के लिए जाते हैं। इसके अलावा शहर के अन्य पार्कों की दशा खराब है। मीराभवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क की हालत बद से बदतर हो चुकी है। आवास विकास कालोनी में भी झूले खराब हो चुके हैं।
इसके अलावा जेल रोड, दहिलामऊ समेत अन्य इलाकों में स्थित पार्कों को हरा भरा करने की तैयारी नगर पालिका कर रही है। सभी पार्कों में हरियाली नजर आए और वहां बच्चों के साथ ही बड़ों के मनोरंजन का साधन हो। इसकी कवायद नगर पालिका की ओर से की जा रही है।
सब कुछ ठीक ठाक रहा है तो करीब 87 लाख रुपये की लागत से पार्कों की दशा सुधरी नजर आएगी। शहर के सभी पार्कों में लोग सुबह शाम बैठ सकेंगे। नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी मुदित सिंह ने बताया कि शहीद उद्यान, न्यू कालोनी बाबागंज स्थित पार्क का सौंदर्यीकरण कराने के साथ ही बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी।
अन्य उपेक्षित पार्कों की सूरत बदलने के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जिसके लिए शासन से बजट की डिमांड भी की गई है। ताकि शहर के सभी पार्कों में शहरी घूम फिर सकें और बच्चे मनोरंजन का लुत्फ उठा सकें।
नए इलाके में भी बनाएं जाएंगे पार्क
नगर पालिका के सीमा विस्तार में आसपास की 11 ग्राम सभाओं को शामिल किया गया है। इन गांवों में अभी तक पार्क नहीं थे। मिनी स्टेडियम ही कहीं-कहीं बने हैं। शहर के करीब जोगापुर, रूपापुर, करनपुर करमचंदा, पूरे नरसिंहभान, दहिलामऊ समेत अन्य गांवों में नगर पालिका शुरूआती दौर में ही पार्क बनाने की कवायद करेगी। ताकि वहां के पार्कों को विकसित कर बच्चों के लिए झूला आदि लगाया जा सके।
पार्कों की देखभाल को तैनात होंगे कर्मचारी
शहर में बदहाल पार्कों की दशा सुधारने की कवायद में नगर पालिका जुटी हुई है। पहले पार्कों को आसपास के लोगों के हवाले कर छोड़ दिया जाता था। इस बार ऐसा नहीं होगा। पार्कों को विकसित करने के बाद वहां माली व चौकीदार तैनात होंगे।
पार्कों की बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी। प्रवेश द्वार पर गेट भी लगेगा। सुबह शाम ही लोगों को पार्कों में प्रवेश की अनुमति मिलेगी, ताकि पार्क में मवेशी न प्रवेश कर सकें। मोहल्ले के लोगों को भी सुबह शाम पार्क में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
मीराभवन आवास विकास कालोनी में बने पार्क में टूटे झूले।- फोटो : PRATAPGARH