Supply inspectors will make Ayushman cards of the characters
तमाम प्रयासों के बाद भी अंत्योदय कार्डधारकों का गोल्डन कार्ड बनाने के काम में तेजी नहीं आ पा रही है। ऐसे में जिला पूर्ति अधिकारी ने जिलेभर में पात्रों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पूर्ति निरीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी है। पांचों तहसील और नगर के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
करीब चार माह पहले सरकार ने सभी अंत्योदय कार्डधारक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना में शामिल कर लिया। योजना के तहत सरकारी और गैरसरकारी अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा है। जनपद में अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या 70 हजार है।
दिसंबर 2021 तक जनपद में करीब 19 हजार लोगों के ही गोल्डन कार्ड बन सके थे, लेकिन उसके बाद से गति धीमी है। एआरओ एसके पांडेय ने बताया कि सभी तहसीलों में अधिकारियों को नामित किया गया है, जो राशन डीलरों और अन्य के सहयोग से पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने में मदद करेंगे।
अंत्योदय कार्डधारकों में कई परिवार ऐसे सामने आए हैं, जो पहले से आयुष्मान भारत योजना में शामिल हैं। इसके बाद जब सभी अंत्योदय कार्डधारकों को योजना में शामिल किया गया तो उन्हें योजना के तहत नया परिवार मान लिया गया है। चुनाव के चलते कार्ड नहीं बन पा रहे थे। कैंप लगवाकर फिर से गोल्डन कार्ड बनवाया जाएगा। डॉ. सुधाकर सिंह, कार्यक्रम समन्वयक, आयुष्मान भारत योजना