उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से संबद्ध अध्ययन केंद्रों के विद्यार्थियों को डिग्री के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। पढ़ाई पूरी होने के छह माह बाद डिग्री विश्वविद्यालय अध्ययन केंद्रों को डाक के माध्यम से भेज दी जाएगी। विश्वविद्यालय के नई पहल से विद्यार्थियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
विश्वविद्यालय से संबद्ध 14 महाविद्यालयों में अध्ययन केंद्र संचालित हो रहे हैं। स्नातक, परास्नातक के साथ डिप्लोमा पाठ्यक्रम की पढ़ाई दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी कर रहे हैं। वर्तमान में 5260 विद्यार्थियों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया है। प्रत्येक छह माह पर होने वाली सेमेस्टर परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को लेटलतीफी से अंक पत्र प्राप्त होता था। किसी तरह अंकपत्र मिल भी जाए तो उसमें अधिकांश त्रुटियां रहती है।
हालांकि विद्यार्थियों की लगातार मिल रही शिकायत के बाद अंकपत्र में विश्वविद्यालय सुधार कर दिया है। वहीं डिग्री भी अब अध्ययन केंद्रों में उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस वर्ष से विद्यार्थियों को डिग्री के लिए विश्वविद्यालय का चक्कर नहीं लगाने होंगे।
आचार्य सदाशिव शिक्षा संस्थान अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. राघवेंद्र पांडेय ने बताया कि नए सत्र से डिग्री और अंक पत्र अध्ययन केंद्र पर ही उपलब्ध कराया जाएगा। डिग्री के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय नहीं जाना होगा।