जिले में संचालित माध्यमिक विद्यालयों में किशोर स्वास्थ्य क्लब का गठन किया जाएगा। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषाहार के प्रति जागरूक किया जाएगा। हेल्थ क्लब में स्कूल के प्रधानाचार्य व शिक्षक शामिल होंगे। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) व 10-10 छात्र-छात्राएं क्लब में सहभाग करेंगे।
जिले में 43 राजकीय, 78 सहायता प्राप्त और 500 से अधिक वित्तविहीन मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। डीआईओएस ओमकार राणा ने बताया कि इन कॉलेजों में पंजीकृत छात्र-छात्राओें को रचनात्मक, नैतिक मूल्य एवं स्वास्थ्य संवर्धन, आरोग्यकारी गतिविधियों व बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग मिलकर कार्य करेंगे। सभी माध्यमिक विद्यालयों में किशोर स्वास्थ्य क्लब का गठन कर किशोरावस्था में विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के निराकरण के लिए एक मंच दिया जाएगा।
कॉलेज तक स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाते हुए चोट, हिंसा, मादक द्रव्य सेवन, जोखिम भरे यौन व्यवहार, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक विकार को कम करने की दिशा में काम किया जाएगा। इस क्लब में कम्युनिटी हेल्थ अफसर, प्रधानाचार्य, एक-एक महिला व पुरुष शिक्षक के अलावा प्रत्येक कक्षा से छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। साथ ही एनसीसी, एनएसएस, स्काउट गाइड के प्रतिभागियों को भी जोड़ा जाएगा।