डीएलएड प्रथम सेमेस्टर में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। निजी कॉलेज संचालक सीट भरने के लिए हाथ-पांव मारना शुरू कर दिए हैं। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और कम शुल्क का प्रलोभन देकर दाखिला कराने के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बावजूद इसके विद्यार्थी निजी कॉलेजों से कन्नी काटे हुए हैं।
परीक्षा नियामक प्राधिकरण, प्रयागराज से शैक्षिक सत्र 2026-27 के प्रथम सेमेस्टर में दाखिले के लिए ऑनलाइन पोर्टल चालू कर दिया गया। 15 दिसंबर तक दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाना है। शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 16 दिसंबर निर्धारित की गई है। आवेदन की प्रति विद्यार्थी 18 दिसंबर तक ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। दाखिले की अंतिम तिथि नजदीक आते ही निजी कॉलेज संचालक सीट भरने की जुगत में लग गए हैं।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को 5700 रुपये प्रति सेमेस्टर फीस जमा करनी होती है। जबकि निजी कॉलेजों में चार गुना से अधिक फीस वसूली जाती है। जिले में एक सरकारी व 59 निजी डीएलएड कॉलेज संचालित है। रानीगंज के आलोक सिंह ने बताया कि सरकारी कॉलेज मिलने पर ही दाखिला लेंगे। पट्टी के अमित प्रजापति ने बताया सरकारी कॉलेज में फीस कम लगती है। निजी कॉलेजों में प्रैक्टिकल फीस आदि के नाम वसूली की जाती है।
बीएड ने भी बिगाड़ा क्रेज
परिषदीय विद्यालयों की अध्यापक भर्ती परीक्षा से बीएड डिग्री धारकों को बाहर कर दिया गया है, लेकिन प्रवक्ता भर्ती परीक्षा में सरकार ने राहत दे दी है। बीएड डिग्री धारक अभ्यर्थी ही इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे।
अधिक दाखिला होना अच्छी बात है। निजी कॉलेजों को प्रयास भी करना चाहिए कि दाखिले में वृद्धि हो।
रमेश तिवारी, प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट)